उर्दू सिर्फ़ ज़बान नहीं बल्कि भारतीय तहज़ीब की रूह है। उर्दू जिसने हिन्दू–मुस्लिम दोनों के दिल जोड़े, उसी को सियासत की भेंट चढ़ाया जा रहा है। Read More...
एक पुस्तक पाठक, लेखक और प्रकाशक द्वारा बनाई गई है।
कॉपीराइट मुद्दों को भी पुस्तक संस्कृति के प्रचार के साथ हल किया जाना चाहिए: डॉ. शम्स इकबाल Read More...