डॉ. सत्यवान सौरभ की यह दोहा-श्रृंखला mpnan Mar 29, 2025 0 बटन दबे, हो काम सब, सुविधा मिले अपार। परिश्रम घटता जो गया, जड़ता दे उपहार।। मोबाइल की लत लगी, थककर बैठे मौन। इतना भी ना देखते, पास खड़ा है कौन।। Read More...