उत्तर से पूर्वोत्तर तक हिंदी ही हृदयधारिणी
भाषाओं की प्रयोगशाला माने जाने वाले इस क्षेत्र ने तकरीबन 200 बोलियो के प्रचलित स्वरूप को स्थान दिया है। बावजूद इसके हिंदी एक बड़ी संपर्क भाषा के रूप में पूर्वोत्तर के फलक पर तेजी से उतर रही है।
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