राष्ट्रपति महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि हमारी अपनी भाषा ही सृजन, अन्वेषण और मौलिक चिंतन तथा नवाचार की भाषा हो सकती है। उन्होंने नकल की जगह मौलिक रचनाएं और सृजन का आह्वान किया।
Read More...
Read More...
