बशीर बद्र को आख़िरी सलाम -उर्दू अदब का एक रोशन चिराग बुझ गया। mpnan May 30, 2026 0 दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे,** जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों।" ** जी बहुत चाहता है सच बोलें,** **क्या करें हौसला नहीं होता।" Read More...