उर्दू ज़बान की बक़ा, फ़िराक़ गोरखपुरी के ख़्वाबों की तक़मील है: mpnan Aug 27, 2025 0 उर्दू सिर्फ़ ज़बान नहीं बल्कि भारतीय तहज़ीब की रूह है। उर्दू जिसने हिन्दू–मुस्लिम दोनों के दिल जोड़े, उसी को सियासत की भेंट चढ़ाया जा रहा है। Read More...