बिहार विधान सभ चुनाव 2025 – किसके पाले में गेंद? कौन होगा किंग मेकर ? कौन बनेगा बिहार का किंग?
एक नया धक्का देने वाला घटक बनकर उभरा है — Prashant Kishor की Jan Suraaj Party (JSP) — जिसे “X-factor” कहा जा रहा है।
“King-maker” यानी वह पार्टियाँ या नेता जो प्रमुख दलों को सत्ता बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं — यदि पहला दल बहुमत न पा सके। Jan Suraaj Party (Prashant Kishor) — सर्वे कह रहे हैं कि वह लगभग 10-11% वोट शेयर ले सकता है।
Bihar विधान सभ चुनाव 2025 – किसके पाले में गेंद? कौन होगा किंग मेकर ? कौन बनेगा बिहार का किंग?

एस. ज़ेड. मलिक
बहुत ही दिलचस्प, कट-पोल संघर्ष वाला चुनाव लगता है। ज़रूर कोई एक पक्ष पहले से तय नहीं है — हालिया रुझान, सर्वे और राजनीतिक समीकरण मिलाकर ही अनुमान लगाया जा सकता है। मैं नीचे अपनी समेकित धारणा रखूंगा — आप इसे अंत तक पढ़ें।

राजनीतिक परिदृश्य — ताक़तें, कमजोरियाँ और रुझान
सबसे पहले, कुछ बातें ज्ञात हैं:
- बिहार में विधानसभा की 243 सीटों पर मतदान होगा, और बहुमत के लिए 122 सीटें चाहिए होंगी।
- अभी दो मुख्य गठबंधन हैं — NDA (जिसमें BJP + JD(U) + अन्य सहयोगी) और महागठबंधन / INDIA-प्लस (RJD, कांग्रेस, अन्य दल)।
- इसके अलावा, एक नया धक्का देने वाला घटक बनकर उभरा है — Prashant Kishor की Jan Suraaj Party (JSP) — जिसे “X-factor” कहा जा रहा है।
- वहीं भाजपा लल्लन सिंह को अपना शतरंज का पयादा बना कर नीतीश कुमार को बिहार की सत्ता से हटा कर लल्लन सिंह को एनडीए का मुख्यमंत्री घोषित कर बिहार की सत्ता सौंप सकती है। और नीतीश कुमार को दिमाग के इलाज के लिये हॉस्पिटलाइज़ किया जा सकता है।
- सर्वे और पॉल नोट्स बताते हैं कि यह चुनाव बहुत ही तठस्थ हो सकता है — NDA को थोड़ी बढ़त बताई जा रही है, पर अंतर बहुत कम होगा।
- कुछ सर्वे कह रहे हैं कि NDA को 41–45% वोट शेयर मिल सकता है, जबकि महागठबंधन 37–40% तक रहेगा।
- लेकिन, एक सर्वे ने संकेत दिया कि NDA और महागठबंधन के बीच मतों का अंतर सिर्फ 1.6% हो सकता है — बेहद क़रीब मुकाबला।
- वहीं, कुछ सर्वे कह रहे हैं BJP के लिए “बड़ी बढ़त” की संभावना।
- नो “Big Brother” स्थिति की संभावना है — मतलब यह कि BJP और JD(U) दोनों मिलकर लगभग बराबर सीटों पर दावेदारी करेंगे।
- स्थानीय पार्टियाँ और क्षेत्रीय समीकरण — जातीय समीकरण, अल्पसंख्यक वोट, स्थानीय नेता — सब इस बार अधिक अहम हो सकते हैं।
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इस सबके आधार पर, मैं नीचे तीन मुख्य सवालों पर अपनी धारणा रखता हूँ:
1. किसके पाले में गेंद है?
“गेंद” का मतलब है — उस पार्टी/गठबंधन की ताक़त जिसमें वर्तमान परिस्थितियों में झुकने की संभावना ज़्यादा है।
मेरी राय:
- NDA के हाथ अभी थोड़ा ज़्यादा शक्ति है — उन्हें सरकार बनाने की बेहतर संभावनाएँ दिखाई दे रही हैं। कई सर्वे इस ओर इशारा करते हैं।
- लेकिन यह “पक्का” कह पाना संभव नहीं है — क्योंकि यदि Jan Suraaj Party (JSP) ने अपेक्षित समर्थन जुटाया, तो वह गोला-बॉल की तरह परिस्थिति को बदल सकती है।
- दूसरे शब्दों में, गेंद फिलहाल NDA के पाले में है — लेकिन वह आसानी से खो सकती है यदि विपक्ष और तृतीय घटक (JSP, क्षेत्रीय दल) मिलकर रणनीति बनाएँगे।
2. कौन बनेगा किंग मेकर?
“King-maker” यानी वह पार्टियाँ या नेता जो प्रमुख दलों को सत्ता बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं — यदि पहला दल बहुमत न पा सके।
मेरे अनुमान में:
- Jan Suraaj Party (Prashant Kishor) — सर्वे कह रहे हैं कि वह लगभग 10-11% वोट शेयर ले सकता है।
- यदि JSP कुछ दर्जन से लेकर 20–30 सीटें पकड़ ले, तो वह किसी गठबंधन का अंग बनकर “king-maker” बन सकता है।
- इसके अलावा, कुछ स्थानीय क्षेत्रीय दल (जो कई सीटों पर प्रभाव रखते हैं) भी इस भूमिका में आ सकते हैं।
- उदाहरण के लिए, अगर कोई छोटा दल 5–10 सीटों पर असर रखे और दो बड़े गठबंधनों के बीच झूल रहा हो, तो वह एक तय करने वाला दल बन सकता है।
इसलिए, मैं यह कहूंगा कि JSP सबसे संभावित “king-maker” है इस बार।
3. कौन बनेगा बिहार का “किंग” (मुख्यमंत्री)?
यदि NDA सरकार बने, तो यह संघर्ष BJP vs JD(U) के बीच होगा कि किसका मुखिया बने। यदि महागठबंधन बने, तो RJD (Tejashwi Yadav) की दावेदारी मजबूत रहेगी।
मेरी अनुमानित संभावनाएँ:
- यदि NDA बहुमत ले ले:
- BJP को भारी बढ़त मिलने की सम्भावना है — तो बीजेपी की ओर झुकाव हो सकता है कि मुख्यमंत्री भाजपा से चुनें।
- लेकिन JD(U) और Nitish Kumar की राजनीतिक साख अभी भी है, इसलिए अगर NDA को संतुलन बनाना हो, तो वे JD(U) को नेतृत्व दे सकते हैं।
- पर अनेक विश्लेषक कह रहे हैं कि BJP का “सक्रिय उठाव” है — इसलिए यह संभव है कि BJP का नेता मुख्यमंत्री बने।
- यदि महागठबंधन / INDIA bloc सत्ता में आए:
- RJD की हैसियत सबसे मजबूत होगी — Tejashwi Yadav मुख्यमंत्री पद के दावेदार बनेंगे।
- कांग्रेस और अन्य दल समर्थन कर सकते हैं, लेकिन RJD उनकी तुलना में अधिक सीटें लाएगी, इसलिए उसकी दावेदारी दबदबा होगी।
- यदि कोई गठबंधन बहुमत न बनाए और king-maker बीच में हो:
- ऐसी स्थिति बहुत जटिल हो जाएगी — JSP यदि किसी गठबंधन का हिस्सा बने, तो वह मुख्यमंत्री पद का लॉगिक तय करने में भूमिका रख सकती है।
- लेकिन इस स्थिति में ‘समझौता’ ही संभव है — यानी साझा मुख्यमंत्री अवधारणा, या किन्हीं सीटों में संशोधन आदि।
तो, मेरी सबसे संभावित अनुमान यह है:
Bihar का “किंग” NDA गठबंधन से आएगा, और उसमें BJP की छवि मजबूत होगी। लेकिन JD(U)-Nitish Kumar को पूरी तरह बाहर नहीं जाना चाहिए — वे एक महत्वपूर्ण घटक हो सकते हैं।
यदि NDA नहीं बना, तो RJD / Tejashwi Yadav मुख्यमंत्री पद की सबसे मजबूत दावेदारी में होंगे।सम्बन्धित खबरों के लिए नीचे दिए गये लिंक पर क्लिक करें 👇👇👇👇
संक्षिप्त निष्कर्ष
- गेंद फिलहाल NDA (विशेषकर BJP + JD(U)) की ओर है, लेकिन विपक्ष़ और नए दलों के हस्तक्षेप से यह पलट सकती है।
- King-maker की भूमिका इस बार Jan Suraaj Party (Prashant Kishor) की रहने की संभावना सबसे ज़्यादा है, और कुछ स्थानीय दल भी इसके दावेदार बन सकते हैं।
- “किंग” बनने की संभावना: अगर NDA जीते, तो BJP या JD(U) का नेता, वरना यदि महागठबंधन बने, तो RJD / Tejashwi Yadav

