साहित्य अर्पण दुबई और दिल्ली का हंसराज कॉलेज द्वारा संयुक्त साहित्योत्सव

साहित्य ग्राम से ही आरम्भ होती है परन्तु दुर्भगय है कि ग्रामीण महिलायें ही साहित्य से वंचित हैं। नेहा शर्मा

हम अपने साहित्य अर्पण की झुझारू सदस्यों की टीम के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान के तहत ग्रामीण महिलाओं को साहित्य से जोड़ने का काम करेंगे – नेहा शर्मा

दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय साहित्योत्सव का आयोजन।

Sahity arpan CEO Neha Sharma

एमपीएनएन-आईना इंडिया

नई दिल्ली – दिल्ली में पिछले दिनों 29 जून 2024 को अंतरराष्ट्रीय साहित्योत्सव का आयोजन किया गया । यह आयोजन अन्तरराष्ट्रिय संस्था साहित्य अर्पण दुबई व हंसराज कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता दुबई से नेहा शर्मा व हंसराज कॉलेज की प्राचार्य रमा जी द्वारा किया जाना था, परन्तु हंसराज कॉलेज की प्राचार्य रमा जी अपनी व्यवस्तता को ले कर कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सकीं, इसलिये कार्यक्रम की अध्यक्षता नेहा शर्मा को ही संभालना पड़ा, तथा कार्यक्रम की रूपरेखा व सम्पूर्ण आयोजन व समन्वय का कार्यभार भावना अरोड़ा ‘मिलन’ द्वारा किया गया तथा इनके साथ में हंसराज कॉलेज के हिंदी शिक्षक डॉ. रवि गोंड़ जी का भी मुख्यतः समन्वय रहा है।

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कार्यक्रम 2 सत्र में होना सुनिश्चित हुआ।

प्रथम सत्र के इस अवसर पर अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती को माल्यार्पण करने एवं दीप प्रजल्लवन के पश्चात समरफील्ड विद्यालय के बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिसमें मौलिक शर्मा व रेयांश यादव द्वारा सुरीली स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया और समायरा व मायरा द्वारा बेहतरीन अति-सराहनीय नृत्य द्वारा गणेश वंदना प्रस्तुत किया गया, इसके बाद साहित्य व बॉलीवुड दोनों ही विषय पर चर्चा की गई जिसकी सूत्रधार भावना अरोड़ा ‘मिलन’ और रिटायर्ड ए सी पी वेदभूषण व बॉलीवुड अभिनेता राकेश श्रीवास्तव थे।

Sahitykaar Madup

 

दूसरे सत्र के आरम्भ में गीत संगीत जिसमें उत्तराखंड के जाने माने गीतकार व संगीतकार अनिल नोडियाल व उनके साथ संगीतकार अखिल बहुगुणा अपनी अपने संगीत प्रस्तूत किया। उसके बाद बच्चों की बाल चौपाल कार्यक्रम आरम्भ किया गया जिसमें बच्चों ने बेहतरीन काव्य पाठ कर सभी के मन मोह लिया। बाल चौपाल की सूत्रधार रुमा ने अपने काव्यों के साथ मंच का संचालन किया। इस अवसर पर काव्य प्रस्तुति हानिया नियाज़, शीर्षो दत्ता, चारिताक्षी नूनिवाल,पुनीत पासवान, अवनी रायज़् ने अपने बहुत मोहित अंदाज में सभा को बांधे रखा । इस सत्र का संचालन नैना कक्कड़ ने किया।

द्वितीय सत्र के कवि सम्मेलन में आमंत्रित डॉ.अशोक मधुप जी सेलिब्रिटी कवि, विशिष्ट अतिथि विजय गौड़, मुख्य अतिथि नीरजा चतुर्वेदी, अतिथि सुधीर अधीर जी के साथ कवि व कवयित्रियाँ मोहित मुदिता द्विवेदी, विभा सिंह, मनी अभी कुमार, आतिफ रईस सिद्दकी अपनी अपनी उपस्थिति चिन्हित किया। कार्यक्रम में मीडिया सहयोगी के रूप में संदीप द्विवेदी जी, एस. जेड. मालिक व ने कार्यक्रम के अंत तक अपनी कोवरेज देते रहे। साथ ही इस कार्यक्रम की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी का कार्य प्रांशुल द्वारा जाएगा।

रवि गौड़  हिंदी विभाग हंसराज महाविद्यालय दिल्ली

कार्यक्रम शानदार तरीके से 5 बजे संध्या तक चलता रहा। अंत में सभी कवियों साहित्यकारों और बाल कलाकारों और मीडिया कर्मियों को साहित्य अर्पण का प्रमाणपत्र एवं एक स्मृति चिन्ह पुरस्कार वितरण कर सम्मानित किया गया।

अंत मे समापन अभिभाषण में कार्यक्रम की आयोजक दुबई से पधारीं, नेहा शर्मा ने साहित्य का परिचय एवं उद्देश्य बताते हुए कहा, “अभी हमे ग्रामीण महिलाओं को साहित्य से जोड़ना है, इसलिये की ग्रामीण महिलाओं से साहित्य पैदा हुई है और वहीं की महिलाएं साहित्य से वंचित है, इसके लिये हम अपने झुझारू सदस्यों की टीम को ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान के तहत ग्रामीण महिलाओं को जोड़ने का काम करेंगे।

ZEA

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