गीतकार नीरज की जन्मशताब्दी पर संगोष्ठी,संगीत एवम् नृत्य समारोह का आयोजन

नीरज के समय में बहुत सारे गीतकार लिख रहे थे पर जो स्थान नीरज जी का है वो किसी का नहीं है।

नीरज के समय में बहुत सारे गीतकार लिख रहे थे पर जो स्थान नीरज जी का है वो किसी का नहीं है। वरिष्ठ लेखक, सिने इतिहासवेत्ता एवम् फ़िल्मकार डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने प्रासंगिक घटनाओं की चर्चा की।

गीतकार नीरज की जन्म शताब्दी पर राजधानी के लक्ष्मीबाई महाविद्यालय में संगोष्ठी,संगीत एवम् नृत्य समारोह का आयोजन।

एमपीएनएन – डेस्क न्यूज़

नई दिल्ली – पिछले दिनों 08 जनवरी 2025 को भारत की राजधानी नई दिल्ली के क्ष्मीबाई कॉलेज के प्रांगण में कार्यक्रम में हिंदी साहित्य एवम् फिल्म जगत के जाने-माने कालजयी कवि-गीतकार गोपालदास नीरज की सौवीं जयंती के अवसर पर भव्य संगोष्ठी-नृत्य-संगीत समारोह सम्पन्न हुआ।

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इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों ने दीप दीप प्रज्वलित कर किया। स्वागत वक्तव्य में लक्ष्मीबाई कॉलेज की प्राचार्या प्रो. प्रत्यूष वत्सला ने गोपाल दास नीरज की कविताओं का अद्भुत वाचन किया, साथ ही कहा कि भारत आज भी नीरज जी के गीतों का दीवाना है।

संगीतमय प्रस्तुति के साथ हुए इस कार्यक्रम में नीरज के सुपुत्र मिलन प्रभात ‘गुंजन’ मुख्य अतिथि थे। उन्होंने अपने पिता के जीवन कार्य के अनेक प्रसंगों की स्मृति सामने रखते हुए उनके विलक्षण रचनात्मक व्यक्तित्व का अंतरंग परिचय कराया और नीरज ला लिखा गीत अपनी आवाज़ में सुनाया। तत्पश्चात लेखक-कवि डॉ. ओम निश्चल ने कवि नीरज के व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि नीरज के समय में बहुत सारे गीतकार लिख रहे थे पर जो स्थान नीरज जी का है वो किसी का नहीं है। वरिष्ठ लेखक, सिने इतिहासवेत्ता एवम् फ़िल्मकार डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने प्रासंगिक घटनाओं की चर्चा की। लक्ष्मीबाई कॉलेज और स्वर-संसार वेल्फ़ेयर एण्ड कल्चरल सोसायटी द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत किये गए कार्यक्रम में हिंदी अकादमी, दिल्ली के उपसचिव ऋषि कुमार शर्मा कहा कि नीरज के गीत और कविताएं हर काल में प्रासंगिक है और हमेशा गाए जाते रहेंगे। साथ ही सुप्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका मालविका जोशी ने इस अवसर पर नीरज पर संस्मरणात्मक उदगार व्यक्त किए। कार्यक्रम में नीरज के फ़िल्मी गीतों ‘लिखे जो ख़त तुझे’, ‘ए भाई ज़रा देख के चलो’, ‘आप यहाँ आये किस लिए’ और ‘रंगीला रे तेरे रंग में’ की रंगारंग प्रस्तुति की गई जिसमें दिल्ली के युवा गायक मृदंग पटेल और गायिका दिशा शर्मा ने अपनी आकर्षक शैली में प्रस्तुति दे कर श्रोताओं का मन मोह लिया। लक्ष्मीबाई कॉलेज की छात्राओं अंकिता सामंता और टियूष्का बिडला ने नीरज के गीतों पर मोहक नृत्य प्रस्तुति किया। भाग्येन्द्र पटेल और प्रो.विनय मिश्र ने संगीत प्रस्तुति का निर्देशन किया तथा किशोर कौशल ने संचालन किया। कार्यक्रम में हनी सक्सेना द्वारा नीरज जी के कृतित्व पर आधारित प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। कार्यकम में लेखक कुमार सुबोध , कवि रमाशंकर सिंह, लेखिका शकुन्तला मित्तल, प्रो.राहुल राज, प्रो. अनीता मल्होत्रा प्रो. सुचेता गाबा डॉ. प्रमिला प्रोफेसर सुनीता अरोड़ा, डा रेखा शर्मा सहित सैकड़ो की संख्या में विद्यार्थी और श्रोताओ ने खुले मंच पर आयोजित संगीत के इस कार्यक्रम का आनन्द उठाया।

संगीतज्ञ डॉ.विनय मिश्र ने कार्यक्रम में आये सभी साहित्कारों कवियों कलाकारों और अतिथिओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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