इतिहास गवाह है कि बिहार ने हर कठिन परिस्थिति में अपनी राह खुद बनाई है। चाहे स्वतंत्रता संग्राम हो या सामाजिक सुधार की बात, बिहारवासियों ने सदैव अपने संघर्ष से मिसाल पेश की है। Read More...
गोंडी-माध्यम विद्यालयों का बंद होना भाषाई विरासत को संरक्षित करने के लिए चल रहे संघर्ष को उजागर करता है। अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति को बनाए रखने का अधिकार देता है, Read More...
लालू यादव आज भी बिहार के राजनीतिक अखाड़े में व्यावस्थापक और एक रेफरी रोल बख़ूबी निभा रहे हैं। क्या लालू प्रसाद यादव बिहार के राजनीति अखाड़े में एक बार फिर लंगोट बांधेंगे? या बेटे के लिये शिक्षक प्रचारक रहेंगे? Read More...
अगर यह मुस्लिम रहनुमा वक़्फ़ की संपत्ति का दुरुपयोग न करते, और सही व्यावस्था देते तो आज इन्हें बिल बिलाना नहीं पड़ता, आज वक़्फ़ बोर्ड के मालिक बने बैठे होते। Read More...
यह हदीसें बताती हैं कि व्यापार और वित्तीय प्रबंधन सिर्फ आर्थिक गतिविधियाँ नहीं, बल्कि इस्लाम में बहुत सम्मानजनक पेशे हैं, अगर उन्हें ईमानदारी और सच्चाई से किया जाए। Read More...
होली, रमज़ान, या होली के दिन जुमा या कभी ईद तो कभी बख्रीद का त्योहार सदियों से साथ आता है और हम भारतीय हिंदुस्तानी इंडियन साथ मिल कर सद्भावनापूर्ण, सौहार्दपूर्ण मिल कर खुशयां बांटते आये हैं। Read More...
आज, इन पुरस्कारों की अखंडता खोने का जोखिम है-महिलाओं की उपलब्धियों में गिरावट के कारण नहीं, बल्कि इसलिए कि उनकी मान्यता का मूल अर्थ धुंधला, राजनीतिकरण या पूरी तरह से खारिज हो रहा है। Read More...