प्रशासनिक सेवा में सफलता का वास्तविक मूल्य इस बात से तय होना चाहिए कि कोई भी अधिकारी अपने पद का उपयोग समाज के हित में ईमानदारी, संवेदनशीलता हो। Read More...
लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारी पद केवल अधिकार का प्रतीक नहीं होता, बल्कि वह जिम्मेदारी और नैतिक आचरण का भी प्रतीक होता है विशेष रूप से पुलिस और प्रशासनिक सेवाओं के अधिकारी राज्य की शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं - मीडिया की भूमिका भी इस… Read More...
मुशायरा हिंदुस्तान की तहज़ीब तमद्दुन को जहां दर्शाता है वहीं समाज को एक दूसरे जोड़ कर आपसी भाईचारा को मजबूत बनाता है। मुशायरा उर्दू का वह चाशनी जिसे सुनने के बाद लोग महफ़िल नहीं छोड़ते बल्कि जुड़ कर अपनी ज़िंदगी उर्दू मुशायरा बनाने की कोशिश में… Read More...
(सत्रह वर्षों बाद सत्ता में लौटी बीएनपी ने बांग्लादेश की राजनीति की दिशा बदली है; भारत के सामने अब अवसरों के साथ नई अनिश्चितताएँ भी खड़ी हैं।) Read More...
आरजेएस फोरम में राष्ट्रीय मीडिया साक्षरता मिशन का शुभारंभ: डा.संदीप मारवाह और प्रो.के जी सुरेश का मिलेगा मार्गदर्शन - आरजेएस पीबीएस की पाॅजिटिव मीडिया बुक 'ग्रंथ 06 का जीएफजे, नोएडा में लोकार्पण और सम्मान समारोह। Read More...
ये पुरस्कार विजेता सिर्फ़ पदक पाने वाले नहीं हैं; वे भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक संपदा के जीते-जागते प्रतीक हैं। यह किताब उनकी प्रेरणादायक यात्राओं को हर घर तक पहुँचाने का एक प्रयास है। Read More...
आजाद भारत में नेता और पत्रकारों की जिम्मेदारी*
आजादी के बाद नेता का धर्म था—संविधान, समानता और देश की एकता। पत्रकार का कर्तव्य था—डर के बिना सवाल, दबाव के बिना सच और सत्ता के सामने सीधी आंख। Read More...
फिल्म शतक के गीत रिलीज़ के दौरान जब गायक सुखविंदर सिंह से पूछा गया कि उन्होंने इस गाने के लिए कितनी फीस ली, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मुझे तो बस चॉकलेट मिली है।” Read More...