ये पुरस्कार विजेता सिर्फ़ पदक पाने वाले नहीं हैं; वे भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक संपदा के जीते-जागते प्रतीक हैं। यह किताब उनकी प्रेरणादायक यात्राओं को हर घर तक पहुँचाने का एक प्रयास है। Read More...
आजाद भारत में नेता और पत्रकारों की जिम्मेदारी*
आजादी के बाद नेता का धर्म था—संविधान, समानता और देश की एकता। पत्रकार का कर्तव्य था—डर के बिना सवाल, दबाव के बिना सच और सत्ता के सामने सीधी आंख। Read More...
फिल्म शतक के गीत रिलीज़ के दौरान जब गायक सुखविंदर सिंह से पूछा गया कि उन्होंने इस गाने के लिए कितनी फीस ली, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मुझे तो बस चॉकलेट मिली है।” Read More...
लोकतंत्र सेनानी विनय कुमार सिन्हा ने महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई थी। विषय पर संवाद को शुरू करने के लिए बिहार , झारखंड , उत्तर प्रदेश , दिल्ली एवं मध्य प्रदेश के जुझारू साथी एकत्रित हुए। Read More...
पूर्व सैनिक लक्ष्मण महाडिक ने कहा कि 24 साल किसी भी व्यक्ति के जीवन का बड़ा हिस्सा होते हैं। “हमने सेवा दी, लेकिन बदले में सिर्फ टालमटोल मिली। अब सब्र खत्म हो चुका है।” Read More...
25 दिसंबर उन वीर सैनिकों, स्वतंत्रता सेनानियों और असंख्य गुमनाम नायकों के बलिदान की भी स्मृति कराता है, जिन्होंने राष्ट्र को सर्वोपरि रखते हुए अपने प्राणों तक की आहुति दी। Read More...
जमाते इस्लामी हिन्द आखिर सरकार को चैलेंज क्यूँ नहीं करती? अपने क़ौम की समस्याओं को अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री गृहमंत्री या राष्ट्रपती क्यूं नहीं मिलना चाहती Read More...