निर्धनता: देश की एक बड़ी आबादी अत्यंत गरीबी में जीवनयापन करती है, जिसके पास गुणवत्तापूर्ण भोजन पर खर्च करने के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं होती। Read More...
यह दंपत्ति न केवल सक्रिय साहित्यकार हैं, बल्कि प्रतिदिन देश-विदेश के हज़ारों अख़बारों में विभिन्न भाषाओं में संपादकीय लेख लिखते हैं। डॉ. सत्यवान सौरभ की अब तक 17 पुस्तकें और डॉ. प्रियंका सौरभ की 10 पुस्तकें विभिन्न विधाओं में प्रकाशित हो… Read More...
भारत सरकार एवं विभिन्न प्रदेशों की राज्य सरकारें से महापरिषद् के माध्यम से अनुरोध करना है कि अखिल भारतीय स्ववंत्रता सेनानीय एवं शहीद परिवार कल्याण महापरिषद् को संवैधानिक दर्जा दिया जाय। Read More...
उर्दू सिर्फ़ ज़बान नहीं बल्कि भारतीय तहज़ीब की रूह है। उर्दू जिसने हिन्दू–मुस्लिम दोनों के दिल जोड़े, उसी को सियासत की भेंट चढ़ाया जा रहा है। Read More...