(परंपरा से आतंक तक)

रैगिंग को ख़त्म करने के लिए, एक बहुआयामी रणनीति, कठोर कानूनी प्रवर्तन, गुमनाम रिपोर्टिंग प्रणाली और त्वरित दंडात्मक कार्यवाही की आवश्यकता है। मज़बूत सलाह नेटवर्क, आवश्यक संवेदीकरण कार्यक्रम और दयालु सहकर्मी बातचीत को प्रोत्साहित करना निरोध…
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मगध के गांधी स्वतंत्रता सेनानी और समाजसेवी सैयद फ़िदा हुसैन

फ़िदा हुसैन सिर्फ आंदोलनकारी ही नहीं थे, बल्कि एक क्रांतिकारी पत्रकार भी थे। उन्होंने “चिंगारी” नामक पत्रिका निकाली, जिसमें अंग्रेज़ी हुकूमत के अत्याचारों को उजागर किया जाता था।---------------------------------------------
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काँसिल की ओर त्रिदिवसीय सेमिनार – मर्ग़े बिस्तर पर कराहती उर्दू का मातम या उत्सव?

भारत सरकार का उर्दू महकमा फ़रोगे उर्दू ज़बान काउंसिल का त्रिदिवसीय सम्मेलन मर्ग़े बिस्तर पर कराहती उर्दू का मातम या उत्सव?
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राजस्थान हुकूमत का फैसला, उर्दू की गूंज को दबाने की साज़िश:

ज्ञात हो कि उर्दू प्रशिक्षण को बंद करने का निर्णय न केवल शिक्षा संस्थानों पर हमला है, बल्कि यह हमारे सभ्यता सांस्कृतिक और सांझी विरासत को खत्म करने का एक मास्टर प्लान भी है।
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