आजाद भारत में नेता और पत्रकारों की जिम्मेदारी*
आजादी के बाद नेता का धर्म था—संविधान, समानता और देश की एकता। पत्रकार का कर्तव्य था—डर के बिना सवाल, दबाव के बिना सच और सत्ता के सामने सीधी आंख। Read More...
बिहारशरीफ शहर एक ऐसी जगह है, जहां हर दौर में सुफिया-ए-कराम दूर-दराज से केवल दीन की तबलीग के लिए आते और अपने फयूज व बरकात से लोगों को नवाजते रहते थे। Read More...
गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे दिव्यांगों के बच्चों को फ्री उच्च शिक्षा और स्वयं रोजगार के लिए एमएसएमई से राजिस्ट्रेशन करा उन्हें रोज़गारयुक्त बनाने का लक्ष्य पूरा करने संकल्प। Read More...
फिल्म शतक के गीत रिलीज़ के दौरान जब गायक सुखविंदर सिंह से पूछा गया कि उन्होंने इस गाने के लिए कितनी फीस ली, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मुझे तो बस चॉकलेट मिली है।” Read More...
लोकतंत्र सेनानी विनय कुमार सिन्हा ने महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई थी। विषय पर संवाद को शुरू करने के लिए बिहार , झारखंड , उत्तर प्रदेश , दिल्ली एवं मध्य प्रदेश के जुझारू साथी एकत्रित हुए। Read More...
ताकतवर देशों द्वारा एकतरफ़ा सैन्य कार्रवाई की बार-बार होने वाली घटनाओं से संयुक्त राष्ट्र चार्टर पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था धीरे-धीरे कमज़ोर हो रहा है। उन्होंने कई देशों द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अविलंब मीटिंग बुलाने… Read More...
26 दिसंबर को हर वर्ष वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के बलिदान की स्मृति में समर्पित है। इसी अवसर पर राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किया जाता है Read More...
पूर्व सैनिक लक्ष्मण महाडिक ने कहा कि 24 साल किसी भी व्यक्ति के जीवन का बड़ा हिस्सा होते हैं। “हमने सेवा दी, लेकिन बदले में सिर्फ टालमटोल मिली। अब सब्र खत्म हो चुका है।” Read More...
25 दिसंबर उन वीर सैनिकों, स्वतंत्रता सेनानियों और असंख्य गुमनाम नायकों के बलिदान की भी स्मृति कराता है, जिन्होंने राष्ट्र को सर्वोपरि रखते हुए अपने प्राणों तक की आहुति दी। Read More...