बिहार दिवस: गौरवशाली इतिहास और उज्जवल भविष्य का प्रतीक

इतिहास गवाह है कि बिहार ने हर कठिन परिस्थिति में अपनी राह खुद बनाई है। चाहे स्वतंत्रता संग्राम हो या सामाजिक सुधार की बात, बिहारवासियों ने सदैव अपने संघर्ष से मिसाल पेश की है।
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गोंडी विद्यालय बंद: आदिवासी संस्कृति के अस्तित्व को खतरा।

गोंडी-माध्यम विद्यालयों का बंद होना भाषाई विरासत को संरक्षित करने के लिए चल रहे संघर्ष को उजागर करता है। अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति को बनाए रखने का अधिकार देता है,
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(बूँद-बूँद में सीख) अतीत की गोद में सोए तालाब और बावड़ियाँ: बस पानी ही नहीं, कहानियों का खजाना

इनका संरक्षण हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संकट से निपटने में सहायक हो सकता है।
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लालू प्रसाद यादव बिहार के राजनीति अखाड़े में एक बार फिर लंगोट बांधेंगे? या बेटे के लिये शिक्षक…

लालू यादव आज भी बिहार के राजनीतिक अखाड़े में व्यावस्थापक और एक रेफरी रोल बख़ूबी निभा रहे हैं। क्या लालू प्रसाद यादव बिहार के राजनीति अखाड़े में एक बार फिर लंगोट बांधेंगे? या बेटे के लिये शिक्षक प्रचारक रहेंगे?
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Rituparna Sengupta’s Cinematic Brilliance Shines at the Prestigious

The festival also showcased *"Distances"*, a poignant short film that resonated deeply with viewers रितुपर्णा सेनगुप्ता की एक ऐसी अभिनेत्री के रूप में पहचान को और मजबूत किया, जो लगातार कलात्मक सीमाओं को आगे बढ़ाती हैं।
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आर्यन्स ग्रुप ने सेना, सामाजिक समूहों को 40 करोड़ की वित्तीय सहायता

फैबलेस सेमीकंडक्टर, सेमीकंडक्टर डिजाइन, अनुसंधान एवं विकास तथा ऑर्गेनिक सेमीकंडक्टर के विनिर्माण में संलग्न होंगे। हाइड्रोजन ईंधन उत्पादन पर जोर दिया जाएगा।
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पीएसआई-इंडिया को एक और बड़ी उपलब्धि, मिला ‘बेस्ट प्लेस टू वर्क’ का ख़िताब

पीएसआई इंडिया को इससे पहले देश की पहली हैपिएस्ट प्लेस टू वर्क (काम करने के लिए सबसे सुखद स्थान) और ग्रेट प्लेस टू वर्क वाली प्रमाणित स्वयंसेवी संस्था बनने का गौरव हासिल हो चुका है।
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एशिया के सब से बड़े लिटरेचर फेस्टिवल में बिहार के क़ासिम खुर्शीद का प्रभावशाली प्रतिनिधित्व

जबकि साहित्य अकादमी में उर्दू प्रसिद्ध शायर एवं उर्दू साहित्यकार गोपी चंद नारंग साहब के बाद उर्दू साहित्यकार एवं शायर जनाब चंद्रभान ख्याल साहब को ङ्कि जगह मिली तो लेकिन उर्दू सम्पादक शायेद साहित्य अकादमी को अबतक नहीं मिला?
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रहमानी 30 के कामयाबी के बढ़ते क़दम !

यह हदीसें बताती हैं कि व्यापार और वित्तीय प्रबंधन सिर्फ आर्थिक गतिविधियाँ नहीं, बल्कि इस्लाम में बहुत सम्मानजनक पेशे हैं, अगर उन्हें ईमानदारी और सच्चाई से किया जाए।
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