IITF 2025 में हेल्थ पवेलियन बना सबसे बड़ा आकर्षण : फ्री टेस्ट के लिए उमड़ी रिकॉर्ड भीड़।

ये ऐप बदल देगा पूरे हेल्थकेयर का खेल!- eSanjeevani स्टॉल पर युवाओं की जबरदस्त भीड़।

सरकारी योजनाओं के स्टॉल पर लगी भारी भीड़-Ayushman Yojana में ऑन-स्कॉट पंजीकरण बना बड़ा आकर्षण। LED स्क्रीन पर बड़ा-बड़ा लिखा है: Free Online Video Consultation with Doctors from Anywhere in India.

IITF 2025 में हेल्थ पवेलियन बना सबसे बड़ा आकर्षण : फ्री टेस्ट के लिए उमड़ी रिकॉर्ड भीड़।

ये ऐप बदल देगा पूरे हेल्थकेयर का खेल!- eSanjeevani स्टॉल पर युवाओं की जबरदस्त भीड़।

सरकारी योजनाओं के स्टॉल पर लगी भारी भीड़-Ayushman Yojana में ऑन-स्कॉट पंजीकरण बना बड़ा आकर्षण।

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संतोष कुमार

नई दिल्ली – दिल्ली की नवंबर वाली ठंड हल्की-हल्की हवा से गालों को छू रही है। प्रगति मैदान में दूर तक फैली भीड़, रंग-बिरंगी स्टॉलों की कतारें और हर दिशा से आती आवाज़ें, सब मिलकर IITF 2025 को किसी त्योहार जैसा बना रही हैं। लेकिन इस मेले में एक ऐसी जगह है, जहाँ लोग सिर्फ खरीदारी करने नहीं… साँसें भरने, राहत पाने और उम्मीद लेकर लौटने के लिए आ रहे हैं। वो जगह है Ministry of Health and Family Welfare Pavilion और Ayush Mantralaya Pavilion।

भीड़ के बीच चलते हुए ऐसा लगता है जैसे शहर की हर धड़कन यहाँ एक नई ऊर्जा के साथ धड़क रही है। किसी के चेहरे पर राहत की उम्मीद है, किसी की आँखों में बेहतर कल की चमक, युवाओं में सीखने का उत्साह, और बच्चों की मुस्कुराहट में एक नई शुरुआत की खुशी—सब मिलकर IITF के इस हिस्से को स्वास्थ्य और आशा का उत्सव बना रहे हैं।

बेटा, BP चेक करवा लेते हैं…एक बूढ़े पिता की धीमी आवाज़

भीड़ को चीरते हुए एक बूढ़े पिता अपने बेटे का हाथ पकड़कर कह रहे हैं, चलो, BP चेक करवा लेते हैं… कई दिनों से सिर भारी लगता है। बेटा थोड़ा व्यस्त, थोड़ा परेशान है, शायद रोज़मर्रा की भागदौड़ उसे थका चुकी है। लेकिन जैसे ही वह देखता है कि डायबिटीज, BP, HIV–AIDS, हीमोग्लोबिन और आँखों की जाँच, सब कुछ फ्री है, उसका चेहरा नरम हो जाता है।

हाँ पापा, आज करवा लेते हैं… हमेशा टालना ठीक नहीं।

बाप-बेटे की यह छोटी सी बातचीत दिल के किसी कोने में चुभ जाती है। क्योंकि यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं है, यह हर उस घर की कहानी है जहाँ बीमारी घर का सदस्य बन चुकी है, लेकिन उसकी बात करने में शर्म महसूस होती है। पवेलियन के अंदर सेवाओं की भीड़ लगी है, न लाइन में खड़े होने की झुंझलाहट, न खर्चों का बोझ। बस एक सुकून है कि शायद आज कोई बीमारी पकड़ी भी गई तो भी इलाज की शुरुआत यहीं से हो जाएगी।

eSanjeevani! “घर बैठे डॉक्टर! सच में?
यही सवाल हर किसी के चेहरे पर दिख रहा है।

LED स्क्रीन पर बड़ा-बड़ा लिखा है: Free Online Video Consultation with Doctors from Anywhere in India.

भीड़ में खड़ी एक माँ अपने 12 साल के बेटे का हाथ पकड़कर रुक जाती है।वो धीरे से कहती है “बेटा, ये वही सेवा है इससे हम गाँव से ही दादी को दिल्ली के डॉक्टर को दिखा सकते हैं। सिर्फ मोबाइल से… घर बैठे। बच्चा हैरानी से मुस्कुराता है“मतलब दादी को शहर नहीं लाना पड़ेगा? डॉक्टर खुद मोबाइल में आ जाएँगे?”माँ सिर हिलाती है। बच्चे की आँखों में चमक आ जाती है “फिर तो दादी जल्दी ठीक हो जाएँगी!” और सच कहें, उसी मुस्कान में इस योजना का असली मतलब छिपा है, दूरी मिटाना… और इलाज को हर घर, हर गाँव तक पहुँचाना।

लेकिन ये सेवा मिलती कैसे है?
(इतना आसान कि गाँव का कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति भी समझ सके)

मोबाइल में eSanjeevani OPD ऐप डाउनलोड करो: प्ले स्टोर में जाओ, सर्च करो eSanjeevani OPD और इंस्टॉल दबा दो। ऐप खोलो और Register करो: सिर्फ मोबाइल नंबर चाहिए, OTP आएगा उसे डाल दो। अब Consult Now पर क्लिक करो: बीमारी कौन-सी है ये चुनो और 1–2 मिनट में आपकी बारी आ जाएगी। फिर डॉक्टर मोबाइल की स्क्रीन पर आ जाते हैं: वीडियो कॉल जैसा होता है, डॉक्टर बात करके दवा और सलाह देते हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा की पर्ची (prescription) मोबाइल में मिल जाती है: इसे मेडिकल स्टोर पर दिखाकर दवा ले सकते हो या घर पर किसी को भेजकर भी ले सकते हो।


अगर वेबसाइट से करना हो तो भी उतना ही आसान है: मोबाइल या लैपटॉप में esanjeevani.mohfw.gov.in खोलो, Patient Registration पर क्लिक करो, OTP डालकर लॉगिन करो, फिर Start Consultation दबाओ और डॉक्टर ऑनलाइन आकर बात करेंगे। इस सेवा के लिए कोई पैसा नहीं लगता, कहीं जाने का खर्च नहीं, लाइन में घंटों खड़े रहने की जरूरत नहीं। बस मोबाइल, इंटरनेट, और डॉक्टर आपके घर में ही।

Ayush Pavilion !जहाँ दवाओं की खुशबू भी सुकून देती है

जैसे ही Ayush Ministry Pavilion में कदम रखा जाता है, माहौल अचानक बदल जाता है। यहाँ आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, सिद्धा और नेचुरोपैथी के स्टॉल हैं। हर एक के पास अपनी कहानी, अपनी खुशबू, अपना स्पर्श। लेकिन इस बार कुछ अलग है।इस बार आयुष मंत्रालय ने दादी-नानी स्टाइल दवाओं को
नए जमाने की पैकेजिंग और आइडियाज़ में बदल दिया है। लोग हैरान हैं “त्रिफला जैम”, “आयुर्वेदिक बॉडी लोशन” लिप बाम ।

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ये भी आयुर्वेदिक है?
एक कॉलेज की लड़की आश्चर्य से पूछती है।
स्टॉल पर खड़े चिकित्सक मुस्कुराते हैं
हाँ बेटी, हम चाहते हैं कि आज की युवा पीढ़ी आयुर्वेद को टेस्ट, टच और टेकअवे की भाषा में समझे।
यह सिर्फ दवाएँ नहीं हैं
यह पारंपरिक ज्ञान का नया अवतार है।
हर स्टॉल पर एक ही बात दोहराई जा रही है
यहाँ रोज़ OPD लगती है, परामर्श और दवा दोनों मुफ्त हैं।
लोगों के चेहरों पर राहत, आश्चर्य और सुकून एक साथ दिखाई देता है।

मेला जहाँ सिर्फ खरीदारी नहीं, ज़िंदगी बदलती है

IITF 2025 का यह स्वास्थ्य सेक्शन सिर्फ एक पवेलियन नहीं है, यह वह जगह है जहाँ एक पिता पहली बार बिना डर के अपनी बीमारी स्वीकार करता है।
एक माँ उपचार की नई उम्मीद समझती है। एक बच्चा जानता है कि डॉक्टर स्क्रीन पर भी मिल सकते हैं। और युवा महसूस करते हैं कि आयुर्वेद सिर्फ पुरानी किताबों में कैद नहीं… आधुनिक दुनिया का हिस्सा बन चुका है। आज के समय में जहाँ अस्पताल, इलाज, टेस्ट सब कुछ जेब पर भारी हो जाता है,

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वहाँ IITF 2025 एक शांत संदेश दे रहा है स्वास्थ्य सरकार का कर्तव्य है, और नागरिक का अधिकार।

भीड़ में खोते-खोते जो मिला… वो था उम्मीद का एक टुकड़ा

जब शाम ढल रही है और पवेलियन के बाहर लाइटें जगमगा रही हैं, लोग एक-एक करके बाहर निकल रहे हैं। कुछ के हाथों में रिपोर्ट है, कुछ के चेहरों पर राहत,
कुछ के दिलों में एक नई जागरूकता… और कुछ लोग वापस जाने से पहले एक आखिरी बार मुड़कर पवेलियन को देख रहे हैं जैसे कह रहे हों
धन्यवाद… आज आपने सिर्फ टेस्ट नहीं किए, आज आपने डर को कम किया है.

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