'बाल मन के कुशल चितेरे रहे अहद जी का जुड़ाव हर उम्र के लोगों के साथ सहज रहता था। बात मातृभाषा की है तो हमें अपनी मातृभाषा के प्रति जागरुक और सजग रहना चाहिए।' Read More...
बटन दबे, हो काम सब, सुविधा मिले अपार।
परिश्रम घटता जो गया, जड़ता दे उपहार।।
मोबाइल की लत लगी, थककर बैठे मौन।
इतना भी ना देखते, पास खड़ा है कौन।। Read More...
अच्युतानंद मिश्र ने अपनी सद्यः प्रकाशित पुस्तक ‘तीन श्रेष्ठ कवियों का हिंदी पत्रकारिता में अवदान’ में किया है। वे हैं- सच्चिदानंद हीरानन्द वात्स्यायन 'अज्ञेय', रघुवीर सहाय और धर्मवीर भारती। Read More...
यह सरकारों की परंपरा रही है है कि सरकार के नीतियों के विरुद्ध किभी बोलेगा तो उसे ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध उनकी उग्र कविताओं के कारण उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। Read More...