दिल्ली में सीवर लाइन के आसपास के सभी घरों को सीवर कनेक्शन नेटवर्क से जून 2022 तक जोड़ दिया जाएगा-  सत्येन्द्र जैन*

सीवर लाइन के आसपास के सभी घरों को सीवर कनेक्शन नेटवर्क से जून 2022 तक जोड़ दिया जाएगा-  सत्येन्द्र जैन*

नई दिल्ली – दिल्ली के जल संसाधन मंत्री सत्येन्द्र जैन ने गुरुवार को एक अहम बैठक की। यह बैठक दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के साथ हुई। इस बैठक में जल प्रदूषण, वर्षा जल व सीवेज का मिश्रण, अपशिष्ट जल संग्रहण और इसके उपचार में सुधार समेत विभिन्न मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस दौरान दिल्ली जल बोर्ड के अध्यक्ष सत्येन्द्र जैन ने दिल्ली में पानी कनेक्शन के संबंध में एक अहम फैसला लिया। उन्होने कहा कि अब दिल्ली में पानी का कनेक्शन दिल्ली जल बोर्ड के द्वारा ही किया जाएगा। इससे बिचौलियों से लोगों को निजात मिलेगी। दिल्ली के सभी घरों में सीवर लाइन से डायरेक्ट कनेक्शन दिल्ली जल बोर्ड द्वारा दिया जाएगा। दिल्ली सरकार ने तीन साल के अंदर सभी कॉलोनियों को सीवर लाइन से जोड़ने का फैसला लिया है। इसके लिए सभी अधिकारियों को पानी और सीवर लाइन कार्य की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने कार्य को जल्द और गुणवत्ता पूर्वक पूरा करें।

निर्णय लिया गया कि जहां-जहां सीवर लाइन उपलब्ध है, उस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी घरों को सीवर कनेक्शन नेटवर्क से जून 2022 तक जोड़ दिया जाएगा। बारिश के पानी को भी इस सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जाएगा, ताकि बारिश का पानी भी साफ कर प्रयोग में लाया जा सके। डीजेबी अपने खर्च पर मुख्यमंत्री सीवर कनेक्शन योजना से जोड़कर इस परियोजना को पूर्ण करने का फैसला लिया है। इस परियोजना को पूरा करने के लिए प्रीकास्ट मैनहोल और एचडीपीई (हाई डेनसिटी पोलिथिलीन) पाइपलाइनों का प्रयोग किया जाएगा, ताकि परियोजना का कार्य त्वरित और गुणवत्ता पूर्ण हो सके।

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जल मंत्री सत्येन्द्र जैन ने डीजेबी के अधिकारियों के साथ बैठक में सीवर और पानी के कनेक्शन के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दा पर चर्चा की और उन्हें तत्काल कार्य को गति देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री मुफ्त सीवर कनेक्शन” योजना के तहत दिल्ली के सभी घरों को सीवर कनेक्शन प्रदान किया जाएगा और इस योजना के लाभ से किसी भी घर को वंचित नहीं किया जाएगा। इस परियोजना को 6 महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है, ताकि सभी घरों को जल्द से जल्द पानी और सीवर कनेक्शन प्राप्त हो सके। इस परियोजना कि देखभाल के लिए मासिक मूल्यांकन भी किया जाएगा। उन्होने कहा कि जल बोर्ड इस परियोजना को एक तिहाई (1/3) समय में पूरा करने के लिए कटर मशीन, प्री-कास्ट स्ट्रक्चर और एसडीपी पाइप लाइन जैसी नवीनतम तकनीक का उपयोग करेगा।

इस बैठक में जल प्रदूषण की समस्या को देखते हुए एक और अहम फैसला लिया गया। उन्होने कहा कि जल्द से जल्द जल प्रदूषण की समस्या से निजात पाने के लिए सभी अधिकारी युद्ध स्तर पर कार्य करना शुरू कर दें। ताकि हम जल प्रदूषण की समस्या को हल कर सकें। उन्होने कहा कि वर्तमान में, डीजेबी एक पुरानी उत्खनन पद्धति का उपयोग करता है, जो साइट पर विभिन्न प्रकार की क्षति पहुंचता है, जिसे मरम्मत करने में समय लगता है। इसके मद्देनजर जल मंत्री सत्येन्द्र जैन ने जनता की असुविधा को कम करने और कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए पाइप लाइन बिछाने के लिए कटिंग मशीनों पर आधारित नवीनतम तकनीक का उपयोग करने के निर्देश दिए।

इस बैठक में कहा गया कि जहां-जहां सीवर लाइन बरसाती नालियों से जुड़ा है, उन सभी जगहों पर सीवर लाइन से बरसाती नालियों को 31 मार्च 2022 तक हटा दिया जाए, ताकि बरसाती नालियों में सीवर का पानी न जाए और उसमे केवल बारिश का पानी ही जाए। साथ ही डीजेबी के अधिकारियों को उन सभी पुराने और नए बिंदुओं की सूची बनाने का निर्देश दिया गया है, जहां सीवरेज है।

बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि सभी टूटी हुई पाइप लाइनों या सीवर लाइनों को बदला जाना चाहिए, ताकि पानी के रिसाव को कम किया जा सके। सभी योजनाओं की रूपरेखा जल्द से जल्द तैयार करने का निर्देश दिया गया, ताकि समय सीमा के भीतर कार्य को पूर्ण किया जा सके। जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि पानी के रिसाव को कम करने के लिए पाइप लाइन का देखभाल किया जाए और जहां भी मैनहोल कवर टूटे हुए हैं या जिन्हें मरम्मत की आवश्यकता है, उन्हें ठीक किया जाए। सीवेज उपचार के संबंध में सभी समस्याओं की प्राथमिकता के आधार पर निगरानी की जानी चाहिए। जल मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सीवर रिसाव, पानी की रुकावट और ओवरफ्लो का आंकलन उसी के अनुसार किया जाना चाहिए, जिसके कारण पानी के रिसाव को कम करने में मदद मिले। उन्होंने कहा कि सीवर ओवरफ्लो, चोकिंग और पानी के अच्छे प्रेशर से बहाव जैसे मुद्दों को हल करने के लिए मानसून से पहले 6 महीने के भीतर सभी ट्रंक सीवर (पाइपलाइन- 900 मिमी व्यास) और परिधीय सीवर (450 मिमी-900 मिमी) को साफ किया जाएगा।

ZEA

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