नादौर के दबंगों द्वारा ग्रामपंचाएत भवन की भूमि को हड़पने का षड्यंत्र
स्थल निरीक्षण एवं विभागीय दिशा निर्देश में नियम संगत पाए जाने पर ही भवन निर्माण हेतु विभाग को अनुशंसा की गई
दिनांक-23/05/2023 द्वारा 2000 पंचायत सरकार भवनों की सूची भूमि विवरणी के साथ एवं मॉडल प्राक्कलन तथा नक्शा की प्रति संलग्न करते हुए प्रेषित भी कर दी गयी है।
बिहार सरकार द्वारा आवंटित ग्राम सभा पंचायत भवन भूमि पर कुछ ग्रामीण दबंगों का विरोध।

कुर्था संवादाता/एमपीएनएन
ज़िला अरवल/कुर्था – ग्राम नादौर के कुछ ग्रामीण दबंगों ने अपना वर्चस्व अस्थापित रखने के लिये ग्राम पंचायत नादौर के मुखिया द्वारा काफी भाग दौड़ के बाद बिहार सरकार ने ग्रामपंचएत भवन के लिये खाली पड़ी ग्राम सभा की भूमि सरकारी पंचायत भवन के लिया आवंटित कर दिया , परन्तु ग्राम के ही कुछ असमाजिक ओछी राजनीतिक मानसिकता वाले कुछ दबंगों ने उक्त भूमि पर निर्माण में बाधा उतपन्न कर कर निर्माण का कार्य रुकवा दिया है।

यह मामला प्रकाश में तब आया जब ग्राम पंचायत के मुख्या द्वारा प्रशासन को दबंगों द्वारा कार्य में बाधा उतपन्न करने एवं मुख्या को धमकाने की शिकायत पत्र दिया गया।
पूरा मामला इस प्रकार है ग्राम पंचायत नदौरा के मुखिया द्वारा सरकारी पंचायत भवन निर्माण को लेकर प्रस्तावित धरना कार्यक्रम के संबंध में बताया गया कि भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव एक वर्ष पूर्व ग्राम सभा के अनुमोदन के उपरांत जिला पंचायत राज पदाधिकारी के माध्यम से तत्कालीन अंचलाधिकारी एवं प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, कुर्था द्वारा जिला पदाधिकारी, अरवल की भेजी गई थी। जिसे स्थल निरीक्षण एवं विभागीय दिशा निर्देश में नियम संगत पाए जाने पर ही भवन निर्माण हेतु विभाग को अनुशंसा की गई । मंत्री परिषद् की स्वीकृति के पश्चात निर्गत बिभागीय संकल्प स०-2प/पं०स०भ०-9-56/2020/4881/प०रा० दिनांक-08/05/2023 द्वारा योजना एवं विकास बिभाग के अधीन गठित स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के माध्यम से 2000 (दो हजार) पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गयी है। अपर मुख्य सचिव, पंचायती राज विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक -5767/प०रा० दिनांक-23/05/2023 द्वारा 2000 पंचायत सरकार भवनों की सूची भूमि विवरणी के साथ एवं मॉडल प्राक्कलन तथा नक्शा की प्रति संलग्न करते हुए प्रेषित भी कर दी गयी है। माननीय मुख्यमंत्री द्वारा स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन द्वारा क्रियान्वित इन 2000 पंचायत सरकार भवन के निर्माण का उद्घाटन भी अक्टूबर 2023 में कर दिया गया है, जिसमे नदौरा ग्राम के महमदपुर मौजा में चयनित भूमि भी सूचीबद्ध है।
इसी क्रम में पंचायत के चंद विकास विरोधी तत्वों द्वारा अपनी क्षुद्र राजनैतिक महत्त्वकांक्षा की पूर्ति हेतु विरोध किया जा रहा है। इन विकास विरोधी तत्वों के कुत्सित प्रयास के कारण ही WPU निर्माण एवं बैदबिगहा में गोदाम निर्माण का कार्य अवरुद्ध किया गया।
ज्ञात हो कि नदौरा ग्राम पंचायत के मुख्यालय ग्राम में उपयुक्त भूमि नहीं मिलने के उपरांत ही अन्य ग्राम में पंचायत सरकार भवन निर्माण एवं अन्य विकास की योजना हेतु अंचलाधिकारी, कुर्था की अनुशंसा से प्रस्ताव अग्रसारित किया जाता है परंतु कुछ लोग अपनी राजनैतिक रोटी सेंकने के उद्देश्य से विकास के कार्य को अवरूद्ध करते रहते है। इसी मंशा से विभागीय स्वीकृति प्राप्त हो जाने के बाद भी उनके द्वारा जिलाधिकारी अरवल को पंचायत मुख्यालय में भूमि उपलब्ध होने की सूचना देते हुए पत्राचार किया गया, जिसके उपरांत पत्राचार में अंकित भूमि की अभिलेखीय एवं स्थल जांच किया गया, जांच में भूमि का किस्म जलस्रोत होने के कारण, प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया। विकास विरोधी तत्व यही नहीं रुके, उनके द्वारा भूमि दान करने का प्रस्ताव स्थानीय प्रशासन को दिया गया जिसकी जांच जिला पदाधिकारी, अरवल के निर्देश पर जिला भू अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार अप समाहर्ता, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सहायक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन,अरवल, अंचलाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी, कुर्था द्वारा संयुक्त रूप से की गई ।भूमि के निरीक्षण से ज्ञात हुआ कि प्रस्तावित भूमि तीन तरफ से आहर/ पैन से घिरी है साथ ही खतियान में भूमि के मध्य में भी जलस्रोत के प्रमाण पाए गए, विभागीय दिशा निर्देश में अंकित है कि भूमि जलस्रोत के 30 मीटर के अंदर नहीं होनी चाहिए।जिसके उपरांत इस प्रस्ताव को भी रद्द करना पड़ा। इस संबंध में वस्तुस्थित की जानकारी देते हुए जिला पदाधिकारी, अरवल द्वारा नदौरा ग्राम में पंचायत भवन निर्माण हेतु विभाग से दिशा निर्देश की मांग की गई ।
पंचायत सरकार भवन निर्माण हेतु संयुक्त सचिव, पंचायती राज विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक – 1723/प०रा० दिनांक-20.02.2024 द्वारा भूमि चयन सम्बन्धी वर्णित दिशा निर्देश के आलोक में नदौरा ग्राम पंचायत मुख्यालय में उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं रहने के कारण मोहम्मदपुर मौजा में भूमि का चयन की स्वीकृति प्रदान की गई है।
पंचायत सरकार भवन निर्माण हेतु वर्णित प्रस्ताव को सर्व सम्मति से ग्राम सभा द्वारा पारित किया गया है।
परंतु पुनः इन अति महत्वकाछी तत्वों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय पटना में मुकदमा CWJC No – 10434 /2024 दायर किया गया, जिसमें दिनांक 11.07.2024 को याचिकाकर्ता को जिलाधिकारी, अरवल से संपर्क करने का आदेश पारित करते हुए मामले को निष्पादित कर दिया गया।
फैसले में कही भी निर्माण कार्य को रोकने या स्थगित करने का आदेश पारित नहीं किया गया है परंतु इन लोगो द्वारा भ्रामक खबर फैलाई जा रही है। साथ ही सूचना प्राप्त है निर्माण कार्य से संबंधित अधिकारियों पर जन प्रतिनिधियों द्वारा निर्माण कार्य न करने का दबाव बनाया जा रहा है।
अतः अब जनता को तय करना है कि वे विकास के साथ है या विभाग एवं माननीय न्यायालय के सुनाए गए फैसले के विरुद्ध जाकर विकास के कार्य को रोकना चाहते है।


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