लखनऊ में आईआइसीसी चुनाव में भागीदारी निभाने की अफ़ज़ल अमानुल्लाह की अपील

आईआईसीसी में लंबे समय से कोई भी सकारात्मक या रचनात्मक कार्य नहीं हुआ है।

इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर मात्र नाम है – 20 वर्षों से अबतक उसमें इस्लामिक सांस्कृतिक का कोई काम नही हुआ , बल्कि इस्लामिक क्लचर से सम्बंधित चलते हुए आस्था को भी रोकवा दीया।

‘मेरी पूरी ज़िंदगी क़ौम व मिल्लत के लिए वक़्फ है’ – अफ़ज़ल अमानुल्लाह

पानी के बहाव का रुकना हानिकारक होता है : डॉ एम रहमतुल्लाह

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Mann – Aina India

लखनऊ, 25 जुलाई – अफ़ज़ल अमानुल्लाह ने कहा कि मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी क़ौम व मिल्लत के लिए वक़्फ कर दी है। उन्होंने विभिन्न पदों पर बिहार सरकार, भारत सरकार, और सऊदी अरब में काम किया। इस दौरान उनके सभी फैसले मुल्क व मिल्लत के लाभ के लिए रहे, जिससे देश की बड़ी आबादी को लाभ पहुंचा। चाहे जिस पद पर भी रहे, उन्होंने आम व ख़ास से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान किया। यही कारण है कि उन्हें जानने वाला हर व्यक्ति उनसे स्नेह करता है।
आईआईसीसी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार और भारत सरकार के पूर्व सचिव अफ़ज़ल अमानुल्लाह ने इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर (आईआईसीसी) के सदस्यों को संबोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किए। लखनऊ के मेट्रो सैफ़ायर बैंक्वेट हॉल, निशातगंज में आयोजित आईआईसीसी के लाइफ़ मेम्बर्स की सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आईआईसीसी में लंबे समय से कोई भी सकारात्मक या रचनात्मक कार्य नहीं हुआ है। जरूरत है कि अच्छे और ईमानदार लोग आगे आएं और इस सेंटर को तेज़ी से आगे बढ़ाएं।
श्री अमानुल्लाह ने अपनी टीम का परिचय कराते हुए कहा कि उन्होंने पैनल का रिवाज समाप्त कर दिया है। इसके स्थान पर उन्होंने शिक्षित, योग्य, और क़ौम व मिल्लत का दर्द समझने वाले व्यक्तियों की एक टीम बनाई है।
बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टी के लिए चुनाव लड़ रहे वरिष्ठ पत्रकार एवं विज़िटिंग प्रोफ़ेसर डॉ एम रहमतुल्लाह ने कहा, “पानी का बहाव अगर रुक जाता है, तो वह हानिकारक हो जाता है। आईआईसीसी का विकास लंबे समय से रुका हुआ है, जिससे यह सेंटर हाथी का दांत बन गया है। जरूरत है कि इस सेंटर की कमान किसी ईमानदार और डायनामिक सोच वाले व्यक्ति के हाथ में दी जाए।” डॉ रहमतुल्लाह ने कहा कि मुस्लिम समाज इस बार के चुनाव में वोटर्स की तरफ़ उम्मीद भरी नज़रों से देख रहा है।
उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार बदरुद्दीन ख़ान ने कहा कि सचिव के रूप में अपने छोटे से कार्यकाल में जब उन्होंने सेंटर को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, तो अध्यक्ष समेत कमेटी के अन्य सदस्यों ने न केवल उनका विरोध किया, बल्कि उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी। उन्होंने कहा कि 15-20 वर्षों से सेंटर को चला रहे लोग दीमक की तरह आईआईसीसी को चाट रहे हैं।
बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टी के एक अन्य उम्मीदवार अतहर ज़या ने कहा कि अफ़ज़ल अमानुल्लाह की लीडरशिप में उनकी टीम निश्चित समय सीमा में काम करेगी और अपने सभी वायदे पूरे करेगी। उन्होंने सेंटर के लिए श्री अमानुल्लाह के वायदे और इरादों की विस्तृत जानकारी दी और टीम को भारी बहुमत से विजयी बनाने की अपील की।
एक्ज़ेक्यूटिव कमेटी के लिए चुनाव लड़ रहे मुंबई चैप्टर के डॉ मसरूर क़ुरैशी ने कहा कि सेंटर में सिविल सर्विसेज़ कोचिंग की व्यवस्था की आवश्यकता है और इस ज़रूरत को अफ़ज़ल साहब की टीम तुरंत लागू करेगी। हज कमेटी ऑफ इंडिया के पूर्व डिप्टी सीईओ डॉ मसरूर क़ुरैशी ने देश के प्रमुख राज्यों की राजधानियों में सेंटर की शाखाएं खोलने की आवश्यकता बताई।
सभा में मौलाना ख़ालिद रशीद फ़िरंगी महली, डॉ परवेज़ हयात, पूर्व आईपीएस अधिकारी, और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी जावीद अहमद ने भी संबोधित किया और कहा कि इस बार का चुनाव मील का पत्थर साबित होगा।

ZEA

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