हिंदी दिवस अवसर पर यह आकाशवाणी की हिंदी सेवा है, जो सदियों से चली आ रही है।

डॉक्टर दर्शनी प्रिया ने हिंदी दिवस के महत्व, हिंदी के विस्तार में संप्रेषण की उपयोगिता, हिंदी की राजभाषा से राष्ट्र भाषा बनने की ऐतिहासिक यात्रा और इसके विविध आयामों की जानकारी कार्यक्रम के दौरान दी

किसे दिखाऊँ अपना दर्द – सभी हैं दर्दमंद हिंदी के, अक्षर, अक्षर मिल कर शब्द बना और शब्द, शब्द मिलने से वाक्य पूरा होता है, फिर गर्व से कहते हैं हम, हिंदी हैं हम , वतन है, हिन्दुस्तां हमारा।

आकाशवाणी निदेशालय में मनाया गया हिंदी दिवस

MPNN NEWS 

नई दिल्ली – आकाशवाणी निदेशालय के प्रांगण में हिंदी एकक द्वारा आज हिंदी पखवाड़े का शुभा0रंभ किया गया। आकाशवाणी महानिदेशक द्वारा दीप प्रज्वलन के बा देकर की विधिवत शुरुआत हुई। दिल्ली केंद्र के कलाकारों द्वारा सरस्वती वंदना और गायन की मधुर और स्वरबद्ध प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम की प्रस्तोता डॉ दर्शनी प्रिय ने हिंदी में ऐतिसाहिक उद्बोधन के साथ हिंदी की दिशा और दशा पर अपनी बात रखी।

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आकाशवाणी की महानिदेशक डॉक्टर प्रज्ञा पालीवाल ने कार्यक्रम की शुरुआत में विभिन्न प्रतिभागियों को हिंदी दिवस की महत्ता के बारे में बताया। अपनी बात रखते हुए उन्होंने सरकारी कार्यालयों में हिंदी की उपयोगिता पर अपनी बात रखी। अपर महानिदेशक एवं हिंदी अनुभाग से जुड़े लोगों ने इस विशेष अवसर पर अपनी बात रखी ।कार्यक्रम प्रस्तोता डॉक्टर दर्शनी प्रिया ने हिंदी दिवस के महत्व, हिंदी के विस्तार में संप्रेषण की उपयोगिता, हिंदी की राजभाषा से राष्ट्र भाषा बनने की ऐतिहासिक यात्रा और इसके विविध आयामों की जानकारी कार्यक्रम के दौरान दी। महानिदेशक ने बताया कि किस तरह हिंदी आधिकारिक रूप से न केवल राष्ट्र की शोभा बढ़ा रही है। अपितु जन जन की भी भाषा बन गई है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी सुधिजनों ने हिंदी भाषा के विस्तार और प्रचार प्रसार पर अपनी बात रखी। इस दौरान प्रस्तुत कर्ताओं ने भजन भी प्रस्तुत किए। डॉ दर्शनी प्रिय ने अपनी गरिमामय उपस्थित के बीच हिंदी भाषा को और व्यापक स्तर पर प्रचारित करने और मार्गदर्शन के लिए डॉक्टर प्रज्ञा पालीवाल से अनुरोध किया। इस संकल्प के साथ भाषा जन-जन की भाषा बने और हमारे कामकाज की भाषा बने,कार्यक्रम की समाप्ति हुई।

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