भाजपा, RSS, हिंदू हिंदुत्व समर्थक संगठनों एवं मोदी सरकार ने भारत भारतीयता को चुनौती दी, पर चिंतन!
मोदी सरकार एवं भाजपा भारत-भारतीयता संविधान- लोकतंत्र, राजनैतिक दलों, सामाजिक संगठनों, धर्मों, जातियों के साथ खेल-खेल रही है,
बी०आर०अंबेडकर संविधान सभा में एवं भारत के उच्च सदन राज्यसभा सदस्य रुप में सदन का हिस्सा रहे,1952 से 1956 तक 1956-1961के तक के लिए राज्यसभा सदन भेजने वाली कांग्रेस पार्टी है।
भाजपा, RSS, हिंदू हिंदुत्व समर्थक संगठनों एवं मोदी सरकार ने भारत भारतीयता को चुनौती दी, पर चिंतन!

रुमसिहं – राष्ट्रीय अध्यक्ष लेबर पार्टी आफ इंडिया
भाजपा मोदी सरकार वर्ष 2014 से लगातार कांग्रेस की कमियों पर घेरती है, सिर्फ कांग्रेस की कमियों को बताकर संविधान निर्माताओं पर उंगली उठाती है, डॉ बी०आर०अंबेडकर को लोकसभा संविधान सभा में जाने रोकने का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन डॉ बी०आर०अंबेडकर संविधान सभा में एवं भारत के उच्च सदन राज्यसभा सदस्य रुप में सदन का हिस्सा रहे,1952 से 1956 तक 1956-1961के तक के लिए राज्यसभा सदन भेजने वाली कांग्रेस पार्टी है।
अंकगणित में एक संख्या का महत्वपूर्ण स्थान है, जैसे 1+1 मिलकर=2 को जोड़ होता है, इसे गणित कहते है, वैसे ही 1और 1 मिला देने से=11होते, जिसका मतलब संगठन होता,1-1=घटाने से 0 का अस्तित्व आध्यात्मिक, 1और 1 को मिलने ही न देने को कूटनीति कहते हैं, 1और 1 अर्थात एक को एक से लड़ाने को राजनीति कहते हैं। 1और 1 को मिलने का मतलब दोस्त, इसे प्रेम कहते हैं। उपरोक्त एक संख्या के महत्व को समझाया गया है, इस महत्व को खत्म कर देने से अराजकता फैल सकती है। यदि भारत को अराजकता से बचाने का एक कारण है, कि हमें हर इंसान को समझना होगा, यह महत्वपूर्ण है।
मोदी सरकार एवं भाजपा भारत-भारतीयता संविधान- लोकतंत्र, राजनैतिक दलों, सामाजिक संगठनों, धर्मों, जातियों के साथ खेल-खेल रही है, इस खेल का लाभ भाजपा सत्ता पर कब्ज़ा करने से भारत की एकता, अखंडता, संप्रभुता को खतरा पैदा हो रहा है। जिसके कारण भारत-भारतीयता खत्म हो रही है। जिससे भारत के संघीय ढांचा, जाति संरचना, धर्म की पृष्ठभूमि खत्म करने का पाप मोदी सरकार कर रही है। यह चिंताजनक – जिसे हर भारतीय को समझना होगा।
कांग्रेस पार्टी एवं भाजपा दोनों ही भारत के विकास में एक बहुत बड़ी बाधा है, कांग्रेस गांधीवादी बिचारधारा एवं भाजपा की मनुवादी विचारधारा दोनों का मकसद एससी-एससी पिछड़ी जाति, अल्पसंख्यक वर्ग जातियों को धर्म जाति भाषा साहित्य संस्कृति इतिहास को औजार बनाकर उपरोक्त वर्गों की संस्कृति इतिहास, रीति-रिवाज संस्कारों को खत्म करने में हिंदू हिंदुत्व ईश्वरवाद धर्मवाद जैसे शब्दों को औजार बनाकर उपरोक्त वर्गों की जातियों का समर्थन से सत्ता पर काबिज रहने का षड्यंत्र के सिवाय कुछ नहीं है।
भारत की राजनीति में धर्म एवं जाति की राजनीति लोकतंत्र के लिए ख़तरनाक है, जिसके कारण जातिवाद-धर्मवाद,ईश्वरवाद को राजनैतिक औजार बनाने में स्वार्थी संगठन नेतृत्व की अहम भूमिका निभाते है,जाति-व्यवस्था का मज़बूत होना जितना जरूरी, उससे अधिक जाति वर्ग मजबूत होना भी बहुत जरूरी है।भारत की संरचना में जाति-धर्म का जितना महत्व है। उससे उसे अधिक भारत भारतीयता का महत्व है। इसलिए धर्म-जाति को राजनैतिक लाभ का औजार बनने से रोकना होगा, लोकतंत्र में धर्म जाति के औजार के इस्तेमाल से लोकतंत्र को कमजोर करके भाजपा सत्ता हासिल कर रही है। जिसके कारण एससी-एससी पिछड़ी जाति,अल्पसंख्यक वर्ग जातियों के विकास,तरक्की तो रुक ही गई,लेकिन भागीदारी से भी हाथ से निकलती जा रही है,यह भारतीयों को समझना होगा।
लेबर पार्टी आफ इंडिया एससी-एससी पिछड़ी जाति अल्पसंख्यक वर्ग जातियों को सही रास्ता तो दिखा ही रहीं हैं, उसके साथ सांझा विरासत संस्कृति रणनीति नीति नियम नियत बुद्धि नेतृत्व संगठन को मजबूत करने के लिए लोगों को जोड़कर नेतृत्व सत्ता दिलाने का भी प्रयास कर रही है। आओ सभी मिलकर भारत को मजबूत राष्ट्र,विकसित बनाने को बिरासत संस्कृति, इतिहास को समझना जरूरी है। इसके लिए एलपीआई के संगठन जुड़कर नेतृत्व करना होगा।

रुमसिहं राष्ट्रीय अध्यक्ष लेबर पार्टी आफ इंडिया
जयभारत जयभीम (8800610118)

