तेजस्वी भी पहुंचे काको साहित्यकार समाजवादी नेता अल्मा शम्सी के घर परिवार को संतावना देने
उर्दू साहित्य और सभ्यता संस्कार के पैरोकार समाजवादी व्यक्तित्व के धनी स्वर्गीय लतीफ शम्सी उर्फ अल्मा शम्सी के घर पहुंचे युवा नेता तेजस्वी यादव पर उठे सवाल, मगध की राजनीति गरमाई
शम्शी साहब की अदबी और राजनीतिक सेवाओं को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान न केवल काको, बल्कि पूरे बिहार के लिए प्रेरणादायक रहा है।
“तेजस्वी यादव का काको आगमन: मरहूम लतीफ शम्शी को श्रद्धांजलि, इंसानियत और तहज़ीब की नई मिसाल”

सैय्यद आसिफ इमाम काकवी


पटना/एमपीएनएन – 15 जनवरी 2025 को बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का काको आगमन न केवल एक राजनैतिक घटना थी, बल्कि इंसानियत और तहज़ीब का एक अद्भुत उदाहरण भी। तेजस्वी यादव मरहूम जनाब अलमा लतीफ शम्शी साहब के घर पहुंचे और उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। इस मौके पर उन्होंने अपने पिता, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जनाब लालू प्रसाद यादव की ओर से भी शोक संदेश परिवार तक पहुंचाया। तेजस्वी यादव ने शम्शी साहब की अदबी और राजनीतिक सेवाओं को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान न केवल काको, बल्कि पूरे बिहार के लिए प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने कहा, “मरहूम शम्शी साहब की लेखनी और विचार हमें हमेशा मार्गदर्शन देते रहेंगे। उनका जाना पूरे समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। 8 जनवरी 2025 को, सैयद लतीफ शम्शी साहब ने अपने पुश्तैनी वतन काको में आखिरी सांस ली। उनके निधन से न केवल काको, बल्कि पूरा देश गहरे शोक में डूब गया। वह एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्होंने अपनी अदबी और सामाजिक सेवाओं से काको को नई पहचान दी। सैयद लतीफ शम्शी साहब को प्यार से “अलमा चचा” कहा जाता था। वह केवल एक शायर या साहित्यकार नहीं थे, बल्कि एक समाजसेवी और राजनीतिज्ञ के रूप में भी प्रसिद्ध थे। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें समाज में एक विशेष स्थान दिलाया। वह डॉ. राम मनोहर लोहिया के शिष्य थे और सोशलिस्ट पार्टी में उनका अहम योगदान रहा। काको का ऐतिहासिक दिन तेजस्वी यादव पहली बार काको पहुंचे थे, और इस मौके पर उन्होंने अपने भावुक अंदाज में कहा कि उन्हें काको की हर खबर रहती है। उनका यह बयान काको के लोगों के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाता है। काको की यह सरज़मीं, जो अपनी सांस्कृतिक और अदबी धरोहर के लिए जानी जाती है, एक बार फिर अपनी पहचान को जीवंत करती नजर आई। तेजस्वी यादव की इस यात्रा ने यह साबित कर दिया कि राजनीति केवल सत्ता और भाषण तक सीमित नहीं है। शम्शी साहब के परिवार से मिलकर तेजस्वी यादव ने यह दिखाया कि इंसानियत और सहानुभूति राजनीति से कहीं ऊपर हैं। यह मुलाकात हर किसी के दिलों में तेजस्वी यादव की छवि को और भी मजबूत करती है। काको में तेजस्वी यादव के आगमन की खबर जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, खासकर Bihar24&7 Kako पेज पर फैली, लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई। लोग तेजस्वी यादव की इस पहल की सराहना करते नहीं थके। शम्शी साहब के बेटे, यूसुफ शम्शी, ने तेजस्वी यादव के इस कदम की तारीफ करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए एक बहुत बड़ा संबल है। मरहूम शम्शी साहब, जो अपनी अदबी और सामाजिक सेवाओं के लिए जाने जाते थे, उनकी विरासत को तेजस्वी यादव ने नमन किया। इस मौके पर तेजस्वी यादव ने कहा कि काको की धरती ने कई ऐसे रत्न दिए हैं, जिन्होंने पूरे देश का नाम रोशन किया है। तेजस्वी यादव का यह कदम इंसानियत, तहज़ीब और सामाजिक जुड़ाव की एक नई मिसाल है। काको की यह ऐतिहासिक यात्रा लंबे समय तक लोगों के दिलों में यादगार बनी रहेगी।

