ब्राह्मणवाद मनुवादियों का सच – सच कड़वा होता है-राजनीति में सत्ता सर्वणों का लक्ष्य
राजनीति में सत्ता सर्वणों का लक्ष्य जिसे एससी-एसटी पिछड़ी जातियों, अल्पसंख्यक वर्ग जातियों के लोग पूरा कर रहे हैं।
ब्रहामणबादी मनुवादी लोग यह जानते हैं कि धर्म की राजनीति से लोकतंत्र को प्रभावित करके सत्ता के केंद्र रहकर इनका सर्वनाश किया जा सकता है, आज मोदी सरकार यही सब कर रही है।
भारतीय लोकतंत्र में ब्रहामणबाद के महत्व में शोषित वर्ग जातियों के अस्तित्व पर चिंता चिंतन!

एमपीएनएन डेस्क
ब्रहामणबादी दल जानतें हैं, कि जनता को काम नहीं चाहिए, जनता में सबसे बड़ी आबादी एससी-एसटी पिछड़ी वर्ग जातियों की आत्मा भावना धर्म में रची रमी हुई है,इनकी आत्मा लोकतंत्र-संबिधान में बहुत कम लोगों का विश्वास होने से जाति धर्म के कारण भारत की आत्मा संविधान को घायल करके सवर्ण हिन्दू लोगों की तिजोरी में कैद है। एससी-एसटी पिछड़ी जातियों ने संविधान महापुरुषों के आदर्शों को आदर्श नहीं मानकर सवर्ण हिन्दू के पूर्वजों को अपना पूर्वज मानकर पूजा करते हुए धर्म के शिकार हो रहे हैं ब्रहामणबाद – ब्रहामणबादी मनुवादी लोग यह जानते हैं कि धर्म की राजनीति से लोकतंत्र को प्रभावित करके सत्ता के केंद्र रहकर इनका सर्वनाश किया जा सकता है, आज मोदी सरकार यही सब कर रही है।
डॉ अम्बेडकर ने कहा था,कि राजनीति में धर्म का प्रबेश होने से जनता को कभी न्याय नहीं मिल सकता। भाजपा मोदी सरकार में न्याय सवर्ण हिन्दू समुदाय को हो रहा, शोषित वर्ग जातियों का शोषण फिर भी लोग नहीं देख पा रहे हैं। राजनीति में सत्ता सर्वणों का लक्ष्य जिसे एससी-एसटी पिछड़ी जातियों, अल्पसंख्यक वर्ग जातियों के लोग पूरा कर रहे हैं। शोषित वर्ग जातियां भारतीय लोकतंत्र-संबिधान के सच को समझने में अक्षम होने से सवर्ण हिन्दू जातियों की कूटनीति का शिकार में धर्म कूटनीतिक का अंत होने से यह सवर्ण हिन्दू अक्षम होकर बहुसंख्यक मतदाताओं के संगठन नेतृत्व से भी लाभ उठाते बसपा,सपा, अन्य दल इसका सबसे बड़े उदाहरण है।भारतीय लोकतंत्र का असली रूप संविधान के राज में मतदाताओं की निस्वार्थ निष्पक्षता पर निर्भर है।
शोषितों के महापुरुषों की मूर्तियो,इतिहास को मिटाया जाए,नये नये इतिहास के स्तम्भों को किसी न किसी रूप में स्थापित किया जाए। भाजपा इसी क्रम को आगे बढ़ाने के रूप में साबरकर आदि को पेश कर रहीं हैं, इसी क्रम में मूर्ति लगाना, धर्मीय लोकतंत्र में हिन्दू, हिंदुत्व, धर्म, अंग्रेजी गुलामी, मुसलमान, मुसलमान में पसमांदा की बात करना, तुष्टिकरण से सत्ता पर काबिज बने रहने का षड्यंत्र है।
भारत की आजादी के चिह्नों, संबिधान के अधिनियमों, इमारतों, चिह्नों को को बदलने में ब्रिटिश गुलामी का जिक्र करके बदलने में के पीछे आजादी से पहले की छिपी आरएस एस की सोच पर भाजपा काम कर रही है।आज निजीकरण, एफडीआई से बिदेशी कम्पनियों को आमंत्रित करके फिर से भारत के गरीब मध्यम वर्ग को ग़ुलाम बनाने के शहीदों के स्मारकों, इमारतों को बनाने के पीछे गुलामी मिशाल नहीं बल्कि ब्राह्मणबाद को स्थापित करना है। निजीकरण के द्वारा पुनः जमींदारी, राजशाही को स्थापित करना है। आज जो हिंदू धार्मिक के पीछे उस दौर के राजा महाराजाओं, उनके बेटा बेटी, पत्नी ही भगवान, देबी देवता हैं, जो इनके खिलाफ लड़ें, वह असुर,दानव बनायें गये, यही शोषित वर्ग को समझना होगा। जो इतिहास, धर्म में सर्वोत्तम दिखाई देने वाले ब्राह्मण हिंदू हैं, जबकि असुर दानव दिखने वाले ही शूद्र अर्थात एससी-एसटी पिछड़ी जातियों के पुर्वज है।
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भारत के लोगों को आस्था इतिहास,धार्मिकता में है।इसलिए आज के दौर में काम की खूबियों की जरूरत नहीं है। मूर्ति और धर्म राजनीति के लिए काफी है। लोगों को खुशी इसी में मिलती है। धर्म और इतिहास तथा मूर्तियों का बिरोध करो या पक्ष दोनों में हित भाजपा का ही है।
अब बिचारधारा का कोई महत्व नहीं रह गया है। यदि समय रहते लोग होश में नहीं आये, तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य गुलामी और बेगारी में बीतेगा। इसलिए एक बिचारधारा और एक सोच, एक महापुरुष जिसने शदियों से गुलामी, बेकारी, अशिक्षा, अंधविश्वास से निकालकर जिंदगियों में रोशनी दी है। देश के राजा बनने का अधिकार दिलाया।डा0अम्बेडकर को भुलाकर इतिहास नहीं बनाया जा सकता।आस्था,धर्म,भावनाओं से एससी-एसटी पिछड़ी जातियों पर होने वाले अत्याचार शोषण कभी नहीं रोका जा सकता। शोषितों को भविष्य में उन्नति की जगह अवनति का कारण धर्म-कर्म जाति भावना है। जिसे त्यागे विना कल्याण संभव नहीं हो सकता। यदि ऐसा ही चलता रहा, तो भविष्य में सर्वनाश एक दिन निश्चित है।
लेबर पार्टी आंफ इंडिया आपके जीवन में खुशियों के लिए काम करते हुए, आपको हुकुमरान बना रहीं। सोचो जब आप मांगने बाले से देने बाले बन जाओगे, देने बाले बनने के लिए आपको फ्री बिजली, पानी,राशन मिलने की भावना और इच्छा को त्यागना होगा। यह त्यागकर फ्री में बोट देने की जगह राजा बनने के लिए प्रयोग करना होगा। बोट बहुत बड़ी सम्पत्ति आपके पास है। जिसकी कोई कीमत नहीं है। इसलिए बेकार समझकर कबाड़े की तरह मत प्रयोग करो। यह तुम्हारी जिंदगी-मौत का फैसला करता है।
रुमसिहं राष्ट्रीय अध्यक्ष लेबर पार्टी आंफ इंडिया – यह इनके निजी विचार है।
जयभारत जयभीम (8800610118)


