11 महीने का किसानों को न्याय दिलाने का ऐतिहासिक आंदोलन: दशा और दिशा*
*डॉ सुनीलम*यूं तो भारत में किसान आंदोलन का इतिहास आजादी के आंदोलन से साथ जुड़ा हुआ है। आजादी के बाद भी किसान आंदोलन लगातार चलते ही रहे हैं लेकिन पिछले वर्ष 26 नवंबर… Read More...
क्या सोनिया परिवार अपने काँग्रेसियों से अनभिज्ञ है ? कांग्रेस को आरएसएस चला रही है?कांग्रेस में आरएसएस के कैडर कांग्रेसी नक़ाब में कांग्रेस पर हावी हैं, उनको बेनक़ाब कौन करेगा? - कांग्रेस में आज भी घमण्ड दरबारियों के सर चढ़ कर बोलता है -… Read More...
विभाजन बिभीषिका का स्मरण क्यों ?भारत का विभाजन 20बीं सदी की विश्व की मुख्य बडी त्रासिंदयों में से एक है विश्व में बहुत ही कम ऐसी जन हानि तथा इतने बडे पैमाने पर पलायन देखने को मिला है इस त्रासदी के जख्म अभी तक पूर्ण रूप से… Read More...
जिस देश की सरकार का मुख्या हत्यारे की पूजा करता हो - 80 प्रतिशत देश की जनता जय जय कारा करे - निश्चित ही उस देश का पतन होना है 😢😢😢 लेखक यतेंद्र सिंह चौहान गाँधीवादी एवं वरिष्ठ समाज सेवी इनके अपने स्वतंत्र विचार हैं -… Read More...
लोकतंत्र में आम जनता की जागरूकता से ही देश का विकास संभव है - परन्तु जनता न समझना चाहती है और न ही जागरूक होना ही ही चाहती है - जनता तो पूंजीपतियों की गुलाम अंदभक्त बनी रहना चाहती। Read More...
वास्तविक रूप में श्री आजम खान ने अपने खूने जिगर से इस पौधे को सीँचा और अपनी सारी जिंदगी इसके बनाने में लगा दीl दुर्भाग्य की बात यह थी कि लगभग दस साल तक यूनिवर्सिटी की मंजूरी का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश के राज्यपाल की मंजूरी के लिए पड़ा रहा और… Read More...
वरिष्ठ पत्रकार - डाॅ बुद्धसेन काश्यपप्रेमचन्द - शायद ही कोई भारतीय इस नाम से परिचित नहीं है। हिन्दी और उर्दू साहित्य की गहरी समझ रखनेवाले प्रेमचन्द को शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। उनपर जितना लिखा जाये कम ही होगा। उत्तरप्रदेश के… Read More...
किसानों का प्रदर्शित आंदोलन कितना सार्थक ? ,, देशहित में या किसान स्वयं अपने हित में कर रहे हैं प्रदर्शन?
सरकार द्वारा बनाया गया क़ानून किसानो के हित में है - नये क़ानून के तहत एसडीएम बाउंड है, अनुबंध तोड़ने पर एसडीएम को कोई पॉवर कम्पनी… Read More...
सरकार, किसानों के संदर्भ में कोई निर्णय लेने से पहले किसानों के साथ परिचर्चा कर उनकी अभिलाषाओं के अनुकूल नियम-कानून बनाना चाहिए, नहीं तो लोकतंत्र को खतरा होगा - राजगोपाल पीव्हीकुछ दिन पहले खेती-किसानी से जुडे दो कानूनों के बनने… Read More...