विवादित प्लॉट पर रंगदारों का वर्चस्व – उक्त प्लॉट के खरीदार को रंगदारों ने दिन दहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी।

अपराधी 5 लाख रुपये की मांग कर रहे थे, होटल मालिक के इनकार करने पर दिन दहाड़े गोलियों से भून डाला।

होटल मालिक शकील दो भाई एक का नाम अरमान है जो जीवित है, दोना का ज़मीन खरीदने बेचने का काम भी है। लालच ने जान लेली।

पटना में अपराधियों के हौंसले बुलंद – रंगदारी न देने पर एक होटल मालिक की हत्या।

सूत्रों द्वारा अपराधी 22 लाख रुपये की मांग कर रहे थे, होटल मालिक के इनकार करने पर दिन दहाड़े गोलियों से भून डाला।
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होटल मालिक शकील दो भाई एक का नाम अरमान है जो जीवित है – दोना का ज़मीन खरीदने बेचने का काम भी है।
एमपीएनएन संवादाता 
पटना – बिहार की राजधानी पटना इन दिनों अपराधियों की गिरफ्त में है, जहां एक ओर शराब माफिया हावी है वहीं लूट पात और हत्या आये दिन देखने और सुनने को मिल रहा है। तो वहीं ज़मीन के खरीदारों को रंगदारों को रंगदारी टेक्स भी भरना पड़ता नही दिया तो मौत की नींद भी सोना पड़ता है।  इसी क्रम में इतवार को 3 बजे संध्या के समय पिरबहोड़ थाने सामने सब्ज़ी बाग में एक बाइक पर दो अपराधी सामने से आते हुए एक बाइक सवार पर ताबड़ तोड़ 3 गोलियां मारते है अकेला बाइक सवार वहीं ढेर हो जाता है। जानकार सूत्रों एवं स्थानीय उर्दू मीडिया के अनुसार मृतक शकील दो भाई था। बड़ा भाई अरमान है, मृतक का नाम शकील मलिक है मृतक शकील अपने प्लॉट फ़क़ीरबाड़ा से निकले थे। और सब्जीबाग आते ही इंतेज़ार में अपने बाइक पर बैठे अपराधियों ने पहले सामने से गोली चलाई जो सीने में लगी वह लड़खड़ा कर दाहिने झुका की दो गोलियां पीछे से मारी जो पीछे सर में लगी और दुसरीं मोढ़े पर। शकील वहीं अपने ही बाइक पर दाहिनी ओर थोड़ा झुका मौत ने अपने आगोश में लेलिया और प्राण शरीर छोड़ कर हवा में मिश्रित हो गया। देखने से ऐसे लग रहा था जैसे वह थक कर बाइक पर ही सो रहा है। 
बहरहाल हाल “मौत से कब किसको रुस्तगारी है, आज हमारी तो कल तुम्हारी बारी है” 
जानकार सूत्रों के हवाले से पर्याप्त जानकारी के अनुसार मृतक शकील ने फ़क़ीरबाड़ा में जानबूझ कर कोई विवादित प्लॉट की लगभग 2 करोड़ में खरीदने के लिए सौदा तय किया था, तब उसी समय कुछ जानकार दबंगों यानी क्षेत्रीय रंगदारों ने शकील को प्लॉट छोड़ने को यह कहते हुए धमकी था कि वह प्लॉट पर हमारा सौदा हो चुका है, उस प्लॉट से दूर रहो लेकिन शकील नहीं माने तो दबंगो ने उसे धमकी  दी कि अगर नही छोड़ोगे तो अंजाम बुरा होगा लेकिन शकील भी अपने रसूक के बल पर उन अपराधियों को ही धमकी दे डाली थी, फिर रंगदारों ने शकील को दुबारा धमकाते हुए कहा कि तुम्हारी धमकी तुम्हे महंगी पड़ेगी, शकील, पटना प्रशासन के साथ अपने अच्छे सम्बन्ध होने के कारण वह रसूक़ को भुनाना चाहते थे, जानकार सूत्रों से शकील ने रंगदारों के धमकी के बाद पिरबहोड़ थाने में शिकायेत दर्ज कराई थी शकील को पटना प्रशासन भरोसा था कि पुलिस वाले हमारे नज़दीकी हैं उन रंगदारों पर ज़रूर कारवाई होगी इसलिये वह संतुष्ट था, लेकिन पटना प्रशासन कोई कारवाई नहीं कि, जानकारों से मिली जानकारी के अनुसार उसी रंगदारों ने शकील से शायेद कहा था कि ठीक तुम सौदा कर लिया है तो हमे 55 लाख रुपया दे दे, इसलिये की जिसने यह प्लाट लिया उससे भी हमारा यही मांग था प्लाट छोड़ दो या 55लाख रुपया दे दो, अब तुमने ले लिया है तो तुम ही 55 लाख दे दो, तब शकील ने उस रंदार को ठिकाने लगाने के लिये 5 लाख की किसी दूसरे को दी जो 55 लाख की मांग करने वाले रंदार को पता चलेगा और उसने बिना धमकी दिए  शकील को मौत के घाट उतार दिया। सूत्रों की माने तो शायेद शकील उस समय पिरबहोड़ थाने ही जा रहा था कि  उसे क्या पता था कि उसकी मौत उसे शिद्दत से उसकी प्रतिक्षा कर रही है। इतना जल्दी उसे अपने आगोश में ले लेगी? बहरहाल
 “ज़िन्दगी तो बेवफा है, एक दिन ठुकरायेगी , मौत महबूबा है अपने साथ ले कर जायेगी!!
जानकार सूत्रों के अनुसार – शकील की हत्या से कुछ देर पहले बड़ा भाई अरमान भी शकील के साथ ही था लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, बड़ा भाई अरमान वहीं किसी काम से रुक गया, जबकि दोनों को पता था कि अपराधियों ने धमकी दें रखी है बावजूद उन्होंने बहुत ज़्यादा उस पर तवज्जो नहीं दिया। 
 ऊपर वाला सब कुछ दे घमंड न दे, पैसे घमंड इंसान को कहीं न कहीं गच्चा दे जाता है, घमंड में इंसान इतना अंधा हो जाता है कि हर चीज़ को पैसे खरीद की कोशिश करता लेकिन जब वह कही बुरी तरह से फंस जाता है।  
 मृतक शकील बचपन से मेहनती था, वह जिला जहानाबाद टेहटा कस्बा बगवार का रहने वाला था, उसके पिता अली अहमद की पटना के गोरिया टोली में प्लाटिक ग्रोसरी की दुकान थी और पटना जंक्शन के पास मार्केट में होटल था। उसके अलावा ब्रोकरी के काम से प्लॉट खरीद फरोख्त का काम भी था, जिसमे 4 या पांच प्लाट पहले ही से खरीद रखा है। बावजूद उनलोगों ने एक विवादित प्लॉट खरीद लिया। और उस प्लाट की खातिर एक जान चली गयी। इसी लिए कहा जाता है “लालच बुरी बला है। 
ZEA
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