आप के खराब प्रदूषण से डीपीसीसी आहत

विंटर एक्शन प्लान व ग्रेप-1 लागू करने के लाख दावों के बावजूद राजधानी की हवा लगातार प्रदूषित होती जा रही है,

डीपीसीसी – अरविन्द केजरीवाल पंजाब में जलाई जा रही पराली को छोड़ हरियाणा और उत्तर प्रदेश में जलाई जा रही पराली को दिल्ली में खतरनाक प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे।

सुप्रीम कोर्ट दिल्ली के प्रदूषण के लिए प्रमुख कारणों में से एक पंजाब में पराली जलाने को जिम्मेदार मानता है, फिर अरविन्द केजरीवाल इसे क्यां क्यों नकार रहे है?- देवेन्द्र यादव

एमपीएनएन न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली, 17 अक्टूबर, 2024 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और पर्यावरण मंत्री गोपाल राय द्वारा विंटर एक्शन प्लान व ग्रेप-1 लागू करने के लाख दावों के बावजूद राजधानी की हवा लगातार प्रदूषित होती जा रही है, क्योंकि अरविन्द केजरीवाल पंजाब में जलाई जा रही पराली को छोड़ हरियाणा और उत्तर प्रदेश में जलाई जा रही पराली को दिल्ली में खतरनाक प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे है, क्यों? जबकि सुप्रीम कोर्ट भी राजधानी में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणां में से पराली जलाना भी एक है। डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के मुताबिक दिल्ली के प्रदूषण में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी सिर्फ पंजाब और हरियाणा में जलाई जा रही पराली के धुएं की है। बुधवार को आनंद विहार का ए.क्यू.आई 429 के खतरनाक स्तर पर रहा।

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श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि राजधानी की हवा में पराली के धुएं की 1.287 प्रतिशत हिस्सेदारी है जो लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि देश के 6 राज्यों में अभी तक पराली जलाने का आंकड़ा 2300 से अधिक पहुॅच गया है, जिनमें पंजाब में 1101, हरियाणा में 554, उत्तर प्रदेश में 528, दिल्ली में 7, राजस्थान में 93 और मध्य प्रदेश में 99 स्थानों पर पराली जलाई जा रही है और पिछले 5 दिनों में हर पराली जलाने के 200 से ज्यादा मामले सामने आ रहे है।

श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सीधे हस्तक्षेप के बावजूद दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी और पूर्व मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल दिल्ली के प्रदूषण की गंभीरता को नकार रहे है, जबकि आंकड़े सरकार विंटर एक्शन प्लान, ग्रेप सख्ती से लागू करने की कलई खोल रहे है। पिछले पांच दिनों में वायु प्रदूषण एक्यूआई गंभीर रुप ले रहा है 13 अक्टूबर को 224, 14 अक्टूबर को 234, 15 अक्टूबर को 198 और 16 अक्टूबर को 230 रहा, जो आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार की तमाम घोषणाओं की नाकामी को उजागर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप पार्टी की सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए मिले फंड 742.69 करोड़ में से सिर्फ 29 प्रतिशत ही खर्च कर पाई है। यह उनकी प्रदूषण नियंत्रण पर संवेदनशीलता को उजागर करता है।

श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि केन्द्र और दिल्ली की सरकार यह जानती है कि जानलेवा प्रदूषण के बढ़ते स्तर से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है, यही कारण है कि आरएमएल अस्पताल में प्रदूषण जनित रोग निदान केन्द्र तक खोल दिया गया है। प्रदूषण के कारण होने वाली फेंफड़ो की समस्या, सांस लेने में परेशानी जैसी गंभीर बीमारी प्रभावित हो रही है। प्रदूषण से जुड़ी एक स्टडी के अनुसार वायु प्रदूषण के चलते दिल्ली के बच्चों की आयु सीमा 12 साल कम हो गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आतिशी ने वित्त मंत्री रहते स्वास्थ्य बजट में 23-24 के 9742 करोड़ के मुकाबले 24-25 में इसे घटाकर 8685 करोड़ दिया है।

श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी दिल्ली को विश्व की सबसे प्रदूषित राजधानियों की लिस्ट से हटाने के लिए कोई काम नही किया है जबकि दिल्ली में कांग्रेस की प्रगतिशील मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए हरित क्रांति लाकर किया था। कांग्रेस शासन के दौरान प्रदूषण से कोई परेशान नही था और विपक्ष में भाजपा हमारी नीतियों के साथ सहमति बनाकर चलती थी। उन्होंने कहा कि हम सकारात्मक राजनीति में विश्वास रखते है और दिल्ली की सत्ता में आने के बाद दिल्ली को विश्व स्तरीय प्रदूषण मुक्त राजधानी बनाकर दिखाऐंगे। जिसको पहले भी कांग्रेस पार्टी ने करके दिखाया था।

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