हिंदी एकेडमी दिल्ली-हंसराज कॉलेज का संयुक्त हिंदी पखवाड़ा -2024, वाद – विवाद प्रतियोगिता
हिंदी भाषा के बोलने वालों मे लगातार वृद्धि हो रही है बाज़ार भी आज हिंदी की तरफ मुंह बाएं देख रहा है।
इस तरह की वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों के अंदर हिंदी भाषा को सुनने, समझने, बोलने, लिखने पढ़ने के संस्कारों को भरा जा सकता है
हिंदी एकेडमी दिल्ली-हंसराज कॉलेज का संयुक्त हिंदी पखवाड़ा -2024, वाद – विवाद प्रतियोगिता

एमपीएनएन डेस्क
नई दिल्ली – पिछले दिनों 18 सितंबर 2024 को हिंदी अकादमी दिल्ली एवं हिंदी विभाग, हंसराज महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत एक बाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय था-“हिंदी समाज ही हिंदी के विकास का अवरोधक है।”
इस प्रतियोगिता में दिल्ली स्थित कई महाविद्यालयों के छात्रों ने अपने नाम दर्ज करवाए थे। इनमें दिल्ली विश्वविद्यालय, नॉर्थ कैंपस, दिल्ली विश्वविद्यालय, पीजीडीएवी कॉलेज,हिंदू कॉलेज, हंसराज महाविद्यालय, लक्ष्मीबाई महाविद्यालय, अंबेडकर विश्वविद्यालय, कालिंदी कॉलेज, मिरांडा हाउस, रामजस कॉलेज, दौलतराम कॉलेज, माता सुंदरी कॉलेज, श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज, सेंट स्टीफन कॉलेज, भागनी निवेदिता कॉलेज, गार्गी कॉलेज, दिल्ली कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स, आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज आदि उच्च शिक्षा संस्थानों के 177 छात्र प्रतिभागी सूचीबद्ध थे। प्रतियोगिता में 70 प्रति भाग लिए। सभी प्रतियोगी उत्कृष्ट प्रदर्शन का भाव अपनी अपनी डिबेट में प्रदर्शित कर रहे थे।


हंसराज कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर रमा की गरिमामय उपस्थिति में आमंत्रित अतिथियों का स्वागत किया गया। तथा विशिष्ठ अतिथि थे प्रसिद्ध कवि श्री विनीत पांडे। हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत स्वागत संबोधन के बाद हिंदी के महत्व पर संक्षिप्त जानकारी देते हुए हिंदी अकादमी दिल्ली के उपसचिव श्री ऋषि कुमार शर्मा ने कहा कि हिंदी भाषा के बोलने वालों मे लगातार वृद्धि हो रही है बाज़ार भी आज हिंदी की तरफ मुंह बाएं देख रहा है। इस तरह की वाद-विवाद प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों के अंदर हिंदी भाषा को सुनने, समझने, बोलने, लिखने पढ़ने के संस्कारों को भरा जा सकता है इस काम को हिंदी अकादमी पूरे से मनोयोग से कर रही है हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता के इस आयोजन में निर्णायक की भूमिका में थे- सुप्रसिद्ध संस्कृति मर्मग्य पार्थसारथि थपलियाल, पीजीडीएवी कॉलेज के पूर्व प्राध्यापक डॉ.शिव शंकर अवस्थी, और सुप्रसिद्ध कहानीकार श्री अवधेश श्रीवास्तव। प्रतियोगी छात्रों ने विषय के पक्ष तथा विपक्ष में
अपने अपने तरकश से बौद्धिक तीर निकाले। अधिकतर तीर लक्ष्य को भेदने में सफल हुए, ऐसा इसलिए भी हुआ क्योंकि जितने पुरस्कार निर्धारित थे उतने ही तीर लक्ष्य पर लगे।
इस वाद विवाद प्रतियोगिता में अपना और अपने महाविद्यालय का नाम चमकाने वाले प्रतियोगी थे-
विषय के पक्ष में विजयी प्रतिभागी-
प्रथम पुरस्कार। : राशि रुपए 7,000/
1.श्री अभिनव कुमार झा, हिंदू महाविद्यालय
द्वितीय पुरस्कार : राशि रुपए 5,000/
2. श्री शाश्वत कुमार, शिवाजी कॉलेज।
प्रोत्साहन पुरस्कार : राशि रुपए 3,500/ प्रत्येक
1. कु. नंदिनी बसवाल, गार्गी कॉलेज।
2. कु. महक खानम, लक्ष्मीबाई महाविद्यालय।
विषय के विपक्ष में विजयी प्रतिभागी-
प्रथम पुरस्कार : राशि रुपए 7,000/
1.कु. कनिष्का शर्मा। अंबेडकर विश्वविद्यालय।
द्वितीय पुरस्कार राशि रुपए 5,000/
2. श्री संजीव कुमार। रामजस कॉलेज।
सांत्वना पुरस्कार राशि रुपए 3,500/ प्रत्येक
श्री विजय कुमार मिश्रा, हंसराज कॉलेज।
श्री अमन उमर वैश्य, आचार्य नरेंद्रदेव कॉलेज
कु.सोनू वैष्णव, दौलत राम कॉलेज।
तीनों निर्णायकों ने अपने अपने अनुभव भी साझा किए, जो प्रतियोगियों के लिए बहुत उपयोगी बताए गए।
प्रतियोगिता के समन्वयक के रूप में डॉ. रवि कुमार गोंड, संयोजक के रूप में डॉ. नीतू शर्मा, डॉ. मनीष ओझा, डॉ. राजवीर सिंह मीणा एवं छात्र संयोजक के रूप में अखिल जायसवाल, शाश्वत त्रिपाठी एवं अंजली मौर्य ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में विशेष योगदान दिया।

