केजरीवाल का इस्तीफा सहानुभूति या नाटक?

वो दिल्लीवालों से झूठी सहानूभूति बटौरना चाहते हैं।

केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने जिन शर्तों पर जमानत दी है उसके बाद वे नाम के मुख्यमंत्री रह गए है, इसलिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना उनका फैंसला नही मजबूरी है।

केजरीवाल का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे का फैसला जनता के हित में- ‘‘देर आए दुरस्त आए’’ 

देवेन्द्र यादव

नई दिल्ली, 15 सितम्बर, 2024- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के फैसले का दिल्ली कांग्रेस स्वागत करती है। ‘‘देर आए दुरस्त आए’’, केजरीवाल को यह उचित कदम पहले ही उठा लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने जिन शर्तों पर जमानत दी है उसके बाद वे नाम के मुख्यमंत्री रह गए है, इसलिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना उनका फैंसला नही मजबूरी है। दिल्ली के हित में अगर 6 महीने पहले इस्तीफा देते, तो दिल्ली में जल संकट, जल भराव के कारण हुई 30-35 लोगों की मौत नही होती, उन्हें बचाया जा सकता था।

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श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि केजरीवाल द्वारा इस्तीफा देने के लिए “48 घंटों“ का इंतजार क्यों? जब निर्णय ले लिया तो इस्तीफे की घोषणा आज ही कर देते। केजरीवाल द्वारा दिल्ली का चुनाव महाराष्ट्र और झारखंड के साथ कराने की मांग करना पूरी तरह नौटंकी है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल का कहना कि हम जनता के बीच जाऐंगे अगर जनता चाहेगी तभी मुख्यमंत्री पद पर बैठूंगा। वो दिल्लीवालों से झूठी सहानूभूति बटौरना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के बयान एकमत क्यों नही, केजरीवाल कहते हैं कि चुनाव आयोग नवंबर में चुनाव कराऐं और आतिशी कहती है कि केन्द्र सरकार नवंबर में चुनाव करा ही नही सकती।

श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि शराब घोटाले में जेल भेजे जाने, मनी लांड्रिंग के आरोप में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और भ्रष्टाचार के आरोप में सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है जिसका जिक्र मैंने 13 सितंबर को उनकी जेल रिहाई के बाद किया था। श्री यादव ने कहा कि शराब घोटाले में गिरफ्तारी के बाद मनीष सिसौदिया को उपमुख्यमंत्री पद से और सत्येन्द्र जैन को जेल जाने पर मंत्री पद से इस्तीफा दिया था, तब केजरीवाल भी जेल जाने के बाद ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए था। उनके जेल में रहने के बावजूद मुख्यमंत्री पद पर बने रहने से जनता के हितों के लिए जो फैसले होने थे वो नही हुए, जिसके लिए केजरीवाल जिम्मेदार है।

श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली की जनता जागरूक है और आम आदमी पार्टी में व्याप्त भ्रष्टाचार और दिल्ली सरकार तथा दिल्ली नगर निगम में सत्तासीन होने के बाद दिल्लीवालों को नजरअंदाज करने की प्रवृति को पहचान चुकी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के कुशासन और केजरीवाल के भ्रष्टाचार का जवाब जरूर देगी।

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