विश्व स्तरीय उर्दू शिक्षण ऐप की आवश्यकता: डॉ. शम्स इकबाल
हमारी सामग्री और ऐप को वैश्विक मानकों के अनुरूप कैसे बेहतर बनाया जाए,
राष्ट्रीय उर्दू परिषद में उर्दू भाषा सीखने की मोबाइल ऐप सामग्री विकसित करने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला-हमारा ऐप बहुउद्देश्यीय होना चाहिए ताकि बच्चे और वयस्क दोनों इसका उपयोग कर सकें।
विश्व स्तरीय उर्दू शिक्षण ऐप की आवश्यकता: डॉ. शम्स इकबाल

राष्ट्रीय उर्दू परिषद में उर्दू भाषा सीखने की मोबाइल ऐप सामग्री विकसित करने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला
एमपीएनएन

नई दिल्ली: राष्ट्रीय उर्दू भाषा संवर्धन परिषद, नई दिल्ली के तत्वावधान में उर्दू भाषा सीखने के मोबाइल ऐप की सामग्री विकसित करने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय उर्दू परिषद के निदेशक डॉ. मुहम्मद शम्स इकबाल ने कहा कि उर्दू भाषा शिक्षण मोबाइल ऐप परिषद का महत्वपूर्ण शिक्षण ऐप है। इसके जरिए देश-विदेश के प्रशंसक उर्दू भाषा सीख रहे हैं। आज अन्य उन्नत भाषा ऐप्स की तरह इस ऐप को भी अपडेट और बेहतर बनाने की जरूरत है। इसी उद्देश्य के तहत आज की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। हमारी सामग्री और ऐप को वैश्विक मानकों के अनुरूप कैसे बेहतर बनाया जाए, इस पर सलाह देने के लिए विशेषज्ञों को यहां बुलाया गया है। हमारा ऐप बहुउद्देश्यीय होना चाहिए ताकि बच्चे और वयस्क दोनों इसका उपयोग कर सकें। आने वाले दिनों में इसका महत्व और बढ़ने वाला है। हमें समसामयिक मांग एवं आवश्यकताओं के अनुरूप सामग्री का चयन करना चाहिए। वैश्विक मानक अपनाए जाएं तो बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
इस कार्यशाला में प्रो. जहांगीर अहमद वारसी (अध्यक्ष, भाषाविज्ञान विभाग, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय), प्रो. ग़ज़नफ़र (अलीगढ़), डॉ. शमीम अहमद (एसोसिएट प्रोफेसर, सेंट स्टीफ़न कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय), डॉ. सैयद तनवीर हुसैन (सहायक प्रोफेसर, जामिया) मिलिया इस्लामिया), डॉ. खान शाहिद वहाब (प्रिंसिपल, गवर्नमेंट बॉयज़ सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जसुला, नई दिल्ली), डॉ. नौशाद मंजर (गेस्ट फैकल्टी, जामिया मिलिया इस्लामिया) आदि विशेषज्ञ के रूप में शामिल हुए।
इस अवसर पर परिषद से डॉ. शमा कौसर यजदानी (सहायक निदेशक, अकादमिक), श्री शाहनवाज मुहम्मद खुर्रम (अनुसंधान अधिकारी), मुहम्मद अफजल हुसैन खान, अफरोज आलम, फैज़ानुल हक आदि उपस्थित थे।

