वैश्विक हिंदी महासभा द्वारा परिचर्चा एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन mpnan Aug 9, 2024 भूखा प्यासा रहा परिंदा मगर।/दाना चुगने कभी नहीं उतरा।।/मिरे हाथ में जब से देखा है खंजर। /तो दुश्मन भी हाथ अब मिलाने लगे हैं।। Read More...
गालिब कबीर तुलसी और मीरा भी हैं यहां। रसखान सूर के भी सुनते हैं हम भजन।। mpnan May 30, 2023 0 गालिब कबीर तुलसी और मीरा भी हैं यहां। रसखान सूर के भी सुनते हैं हम भजन।। भगत भी सुभाष भी अब्दुल हमीद और। ज़िंदा थे ज़िंदा हैं ये शहीदाने हमवतन।। Read More...