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अमेरिका की गिद्ध की दृष्टि है तेलअबीब खजाने पर

ताकतवर देशों द्वारा एकतरफ़ा सैन्य कार्रवाई की बार-बार होने वाली घटनाओं से संयुक्त राष्ट्र  चार्टर पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था धीरे-धीरे कमज़ोर हो रहा है। उन्होंने कई देशों द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अविलंब मीटिंग बुलाने…
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जमात-ए- इस्लामी हिन्द मुस्लिम समाज का आईना?

जमाते इस्लामी हिन्द आखिर सरकार को चैलेंज क्यूँ नहीं करती? अपने क़ौम की समस्याओं को अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री गृहमंत्री या राष्ट्रपती क्यूं नहीं मिलना चाहती
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बचपन बिक रहा है: बच्चों से भीख मंगवाना एक सामाजिक अपराध।

इस समस्या का समाधान समाज, सरकार और नागरिकों के मिलकर काम करने में है। बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के लिए कदम उठाना जरूरी है।
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बचपन में दिल का दर्द: क्या हमारी जीवनशैली मासूम धड़कनों की दुश्मन बन गई है?

सरकार को सभी निजी और सरकारी स्कूलों में हर 6 महीने में हृदय जांच, ईसीजी और सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य करना चाहिए।
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ज़रूरतमंद लोगों के लिये लाइफ लाइन संस्था बनता अमर शांति एजुकेशनल एंड सेवा फाउंडेशन ASESF

संस्था संस्थापक धीरज कौशिक ने वंचित समुदायों को **कपड़े, भोजन और दवाइयाँ* प्रदान करके समाज पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है।
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प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर  ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन

देश में स्मार्ट फोन का इस्तेमाल किए जाने वालों की संख्या 98 करोड़ तक पहुंच चुकी है, इस माध्यम से जारी कंटेंट की निगरानी के लिए व्यवस्थित तंत्र जरूरी है।
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“नेताओं की देशभक्ति की अग्निपरीक्षा, सेना में बेटा भेजो, पेंशन लो!”

पेंशन कोई सम्मान नहीं, एक ज़िम्मेदारी होनी चाहिए – जो तभी मिले, जब परिवार भी राष्ट्र सेवा में उतरे। आम नागरिक के टैक्स पर ऐश करना बंद हो, अब बारी है नेता भी हिस्सा लें – सरहद पर, ज़मीन पर, और ज़िम्मेदारी में। वर्ना जनता सिर्फ सुनती रहेगी,…
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