गांधी पीस फॉउंडेश द्वारा कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान-2023 क्यूँ – स्वामी प्रणवानंद शांति पुरस्कार क्यूँ नहीं?
एक सवाल जिसका जवाब अब शायद किसी गाँधीविदों, गांधी चिंतकों या गांधी विचारधारा वाले लोगों के पास न हो।
2015 तक स्वामी प्रणवानंद शांति पुरस्कार का कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें पुरस्कार दिए गए।
स्वामी प्रणवानंद शांति पुरस्कार का बैंक में अपना खाता था। उसका ट्रस्ट था। ब्याज की रकम बचत खाते में आती थी।


तो हमारे प्रतीक-चिह्न का मतलब बनता है :
दृढ़ कदमों और मजबूत हाथों से स्वतंत्र कलम का संकल्प निभाने की प्रतिबद्धता !
स्व. कुलदीप नैयर की पत्रकारिता भी इन्हीं मूल्यों से प्रेरित रही। इसलिए हमारी परिकल्पना को उनका भरपूर समर्थन व प्रोत्साहन मिला। उन्होंने इस सम्मान के लिए आवश्यक राशि जुटाने में निजी मदद भी की तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित किया। उनकी उत्साहजनक स्वीकृति से हमने तय किया कि हम हर वर्ष भारतीय भाषा के एक ऐसे पत्रकार को सम्मानित करेंगे जिसने अपने लेखन या अभिव्यक्ति के दूसरे किसी भी माध्यम से स्वतंत्र, तथ्यपरक, प्रगतिशील, वैज्ञानिक, अभिव्यक्ति को साकार किया हो। यह भी तय किया गया कि यह सम्मान 1 लाख रुपयों का होगा। इसके साथ सम्मानित पत्रकार को प्रशस्ति-पत्र तथा सम्मान का प्रतीक-चिह्न दिया जाएगा। यह भी तय किया गया कि यह सम्मान भाषा, धर्म, जाति, लिंग जैसे किसी भेद का विचार किए बिना, चयन समिति द्वारा चयनित किसी भी भारतीय भाषा के पत्रकार को दिया जाएगा।
गांधी शांति प्रतिष्ठान ने कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान के संचालन व समायोजन की ज़िम्मेदारी स्वीकार की।
Ø पहला सम्मान-2017 : श्री कुलदीप नैयर के हाथों श्री रवीश कुमार को 19 मार्च 2017 को नयी दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सभागृह में दिया गया।
Ø दूसरा सम्मान-2018 : श्री आशीष नंदी के हाथों दूसरा सम्मान मराठी के पत्रकार श्री निखिल वागले को 20 अप्रैल 2019 को नयी दिल्ली के कान्स्टीट्यूशन क्लब में दिया गया।
कोविड के प्रकोप के कारण वर्ष 2019 और 2020 के लिए हम यह सम्मान समारोह नहीं आयोजित कर सके।
Ø तीसरा (2021) और चौथा सम्मान (2022) : श्री आशीष नंदी के हाथों ये दोनों सम्मान क्रमशः यूट्यूबर श्री अजीत अंजुम और ‘द वायर’ की पत्रकार आरफ़ा खानम शेरवानी को नयी दिल्ली के राजेंद्र भवन में 12 नवंबर 2022 को आयोजित एक संयुक्त समारोह में दिए गए।
कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान के संचालक : 20 लाख रुपयों की संचित निधि से गांधी शांति प्रतिष्ठान अपने अध्यक्ष, गांधी-विचार व कार्य की सक्रिय हस्ती, लेखक-पत्रकार श्री कुमार प्रशांत की देखरेख में इस पूरी परिकल्पना का संयोजन करता है. सम्मान समिति के अध्यक्ष राजनीतिक-मनोविज्ञान के प्रख्यात विशेषज्ञ व प्रखर चिंतक श्री आशीष नंदी हैं। सम्मान समिति के सचिव वरिष्ठ पत्रकार-संपादक तथा गांधी शांति प्रतिष्ठान के सचिव श्री अशोक कुमार हैं. सक्रिय समाजवादी विचारक व समाजकर्मी श्री विजय प्रताप इसके संस्थापक सदस्य व वरिष्ठ सलाहकार हैं।
कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान की चयन समिति : चयन समिति के वर्तमान सदस्य हैं :
सर्वश्री कुमार प्रशांत, आशीष नंदी, नीरजा चौधरी, ओम थानवी, विजय प्रताप, संजय पारीख, जयशंकर गुप्त, प्रियदर्शन, प्रमोद रंजन, अनिल सिन्हा, अशोक कुमार. चयन समिति आम राय से नये सदस्यों का चयन भी करती है। संचालकों की कोशिश है कि अधिक-से-अधिक भाषाओं के पत्रकारों को चयन समिति में शामिल करते रहा जाए ताकि इसका राष्ट्रीय, बहुभाषी स्वरूप निखरता जाए।
चयन प्रक्रिया : इस वार्षिक सम्मान के लिए नामों की सिफ़ारिश सीधे गांधी शांति प्रतिष्ठान/सम्मान समिति के सचिव को भेजी जा सकती है अथवा चयन समिति के किसी सदस्य के मार्फत अनुशंसा भेजी जा सकती है. जिन भी पत्रकार की सिफ़ारिश की जाए, उनके लेखन के पर्याप्त नमूने भी साथ भेजे जाने चाहिए। चयन समिति अपनी बैठकों में ऐसी सारी अनुशंसाओं पर विचार करती है. चयन समिति के सदस्य भी अपनी तरफ से नामों की सिफ़ारिश करते हैं। इस क्रम से चयन समिति अपनी अंतिम बैठक में सर्वसम्मति से एक नाम तक पहुंचती है।


