जामिया मिलिया इस्लामिया का बयान

विश्वविद्यालय अपने सभी छात्रों और शिक्षकों के हित में शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

जामिया मिलिया इस्लामिया का बयान – तथ्यों का पता लगाने और इसमें शामिल असामाजिक तत्व, व्यक्तियों या संगठनों की पहचान करने तथा उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए एक समिति गठित की है।

जामिया मिलिया इस्लामिया का बयान

डॉ. रहमतुल्लाह
नई दिल्ली, 16 फरवरी  – मौजूदा घटनाक्रम जामिया मिलिया इस्लामिया के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।  पिछले 4-5 दिनों से कुछ व्यक्ति और असामाजिक तत्व अपने सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करके भ्रामक, अपमानजनक और दुर्भावनापूर्ण संदेश और मनगढ़ंत वीडियो फैलाकर विश्वविद्यालय और उसके छात्रों की छवि को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं।
 
इन व्यक्तियों और संगठनों ने, जिनका विश्विद्यालय से कोई लेना-देना नहीं है, वे विश्वविद्यालय की दीवारों और गेटों पर निलंबित छात्रों की तस्वीरें और विवरण भी सार्वजनिक कर दिए है। विश्वविद्यालय ने इसकी जानकारी मिलने के उपरांत तुरंत ही इन तस्वीरों को दीवारों से हटा दिया। विश्वविद्यालय ऐसे पतित और गैर-जिम्मेदाराना कृत्यों की कड़ी निंदा करता है और 104 साल पुराने संस्थान की गौरवमय छवि को धूमिल करने के स्पष्ट इरादे से झूठी और अपमानजनक जानकारी फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सभी आवश्यक वैधानिक और कानून सम्मत कार्रवाई करेगा।
 
विश्वविद्यालय द्वारा 13.02.2025 को जारी आधिकारिक बयान में यह स्पष्ट किया गया कि मुट्ठी भर प्रदर्शनकारी छात्र, बिना किसी सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लिए परिसर के शैक्षणिक ब्लॉक में गैरकानूनी रूप से एकत्र हुए थे और कक्षाओं के संचालन और केंद्रीय पुस्तकालय तक पहुंच कर बाधा डाल रहे थे, इसके अलावा, विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे। यह विश्वविद्यालय की नियमों में रेखांकित है कि जेएमआई के विभागों और केंद्रों द्वारा आयोजित किसी भी शैक्षणिक सम्मेलन / कार्यशाला / सेमिनार को भी सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है। इसके बावजूद, विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनकी मांगों पर चर्चा करने के लिए अपने दरवाजे खुले रखे थे, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने और किसी भी चर्चा के लिए आगे आने से इनकार कर दिया।
 
इसी आलोक में विश्वविद्यालय प्रशासन, युवा, संवेदनशील दिमाग पर गलत सूचना के प्रतिकूल प्रभाव का पूरा संज्ञान लेते हुए, अपने सभी छात्रों को इन फर्जी संदेशों और भ्रामक अफवाहों का शिकार न होने का सलाह देता है और उन्हें अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और आगामी मध्य सेमेस्टर परीक्षाओं के मद्देनजर नियमित रूप से कक्षाओं में भाग लेने की सलाह देता है। यह भी इंगित करना आवश्यक है कि विश्वविद्यालय समय सारिणी के अनुसार नियमित रूप से कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। इसके अलावा, निलंबित छात्रों की तस्वीरें और अन्य विवरण सार्वजनिक करने पर कड़ा रुख अपनाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच करने, तथ्यों का पता लगाने और इसमें शामिल असामाजिक तत्व, व्यक्तियों या संगठनों की पहचान करने तथा उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए एक समिति गठित की है।
 
विश्वविद्यालय अपने सभी छात्रों और शिक्षकों के हित में शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

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