वक्फ बिल के विरोधियों को ‘कट्टरपंथी’ कहकर फंसे जीतन राम मांझी, माफी की मांग तेज

केंद्रीय मंत्री मांझी के बयान से बिहार के मुस्लिम एक जुट हुये, माझी मुस्लिम समुदायें से माफी मांगे।

वक्फ संशोधन बिल का विरोध करना संविधानिक अधिकार है। जो लोग लोकतांत्रिक प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें ‘कट्टरपंथी’ कहना एक समुदाय का अपमान है।

वक्फ बिल के विरोधियों को ‘कट्टरपंथी’ कहकर फंसे जीतन राम मांझी, माफी की मांग तेज

सैयद आसिफ इमाम
पटना, 26 मार्च 2025 – बिहार में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच जीतन राम मांझी ने एक विवादित बयान देकर नई बहस छेड़ दी है। मांझी ने प्रदर्शन में शामिल मुस्लिम संगठनों को ‘कट्टरपंथी’ (कठमुल्ला) कहकर संबोधित किया, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश है। इस बयान के खिलाफ मुस्लिम नेताओं और संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है और मांग की है कि जब तक मांझी अपने शब्दों को वापस नहीं लेते और सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक उनका हर कार्यक्रम और उनकी पार्टी का बहिष्कार किया जाएगा।

मांझी के बयान पर भड़के मुस्लिम संगठन

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गर्दनीबाग में चल रहे वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ धरने में भाग लेने वाले मुस्लिम संगठनों ने जीतन राम मांझी के बयान की कड़ी निंदा की है। इमारत-ए-शरिया, जमीयत उलेमा-ए-हिंद, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमात-ए-इस्लामी हिंद, ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस और अन्य संगठनों ने साफ तौर पर कहा है कि मांझी ने मुसलमानों को गाली दी है और अगर वह अपने शब्दों को वापस नहीं लेते, तो उन्हें सड़कों से लेकर वोटबैंक तक हर जगह कड़ा जवाब मिलेगा।

राजद नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस, और अन्य विपक्षी दलों ने भी मांझी के बयान की आलोचना की है। तेजस्वी यादव ने कहा,
“वक्फ संशोधन बिल का विरोध करना संविधानिक अधिकार है। जो लोग लोकतांत्रिक प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें ‘कट्टरपंथी’ कहना एक समुदाय का अपमान है। मांझी को माफी मांगनी होगी, वरना बिहार की जनता उन्हें सही जवाब देगी।”

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भी इस बयान को निंदनीय बताया और कहा,
“यह मानसिकता बताती है कि किस तरह से मुसलमानों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।”

मांझी की पार्टी के मुस्लिम नेताओं पर भी दबाव

मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) में शामिल मुस्लिम नेताओं पर भी अब भारी दबाव है। मुस्लिम समुदाय ने साफ कर दिया है कि अगर मांझी ने माफी नहीं मांगी, तो उनकी पार्टी के सभी मुस्लिम नेताओं को पार्टी छोड़ देनी चाहिए। एक मुस्लिम नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा,
“हम इस तरह के बयान को बर्दाश्त नहीं कर सकते। अगर मांझी साहब अपने शब्द वापस नहीं लेते, तो हम सभी को सोच-समझकर फैसला लेना होगा।

अगर जीतन राम मांझी ने माफी नहीं मांगी, तो बिहार के मुस्लिम समाज ने उनके हर विधानसभा क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन करने और उनके हर कार्यक्रम का बहिष्कार करने का ऐलान किया है।

मुस्लिम समुदाय के वरिष्ठ नेताओं ने यह भी कहा है कि मांझी के घर का घेराव किया जाएगा और उन्हें हर राजनीतिक मंच पर जवाब दिया जाएगा।

अब यह देखना होगा कि जीतन राम मांझी अपने बयान पर कायम रहते हैं या बढ़ते विरोध के कारण माफी मांगते हैं। लेकिन इतना तय है कि वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध के साथ-साथ अब यह विवाद भी बिहार की राजनीति में गर्मी ला चुका है।

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