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Meddle Class मध्यम वर्ग का मौन सियासत का स्वर्णकाल*

देश में उद्योगों की समृद्धि भी जरूरी है और गरीबों की मदद भी लेकिन इसके लिए आम आदमी को कितना निचोड़ना चाहिए, सरकार को इसका भी पैमाना तय करना होगा।
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एप्सटिन फ़ाइल्स : शर्म, सन्नाटा और हमारी सामूहिक विफलता

क़ानून और जाँच एजेंसियों की स्थिति भी कोई आश्वस्ति नहीं देती। धीमी जाँच, अधिकार-क्षेत्र की उलझनें, राजनीतिक दबाव और अंतहीन प्रक्रियाएँ—
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साहित्यान्चल सम्मान हेतु डॉ. प्रियंका सौरभ और डॉ. सत्यवान सौरभ का चयन*

यह दंपत्ति न केवल सक्रिय साहित्यकार हैं, बल्कि प्रतिदिन देश-विदेश के हज़ारों अख़बारों में विभिन्न भाषाओं में संपादकीय लेख लिखते हैं। डॉ. सत्यवान सौरभ की अब तक 17 पुस्तकें और डॉ. प्रियंका सौरभ की 10 पुस्तकें विभिन्न विधाओं में प्रकाशित हो…
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भारत विभाजन की पीड़ा को समझना जरूरी: प्रो.संजय द्विवेदी*

1947 में बंटवारे के बाद भी हम रक्तपात रोक नहीं पाए। इसलिए भारत विभाजन की पीड़ा को समझना जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाएं दुहराई न जाएं।
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महिलाएं को अधिकार देने के नाम पर अब वोट बैंक बना लिया गया-

भारत सरकार ने "कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013" (POSH Act) के तहत आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee - ICC) का गठन अनिवार्य किया है।
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कौन जानता है की मौत कहां खड़ी है और दलदल कहां है – रोज़गार की तलाश में तो निकलना ही पड़ता है।

भारत को अगर सच्चे मायनों में “विश्वगुरु” बनना है, तो पहले उसे अपने युवाओं को गुरबत, ग़ुलामी और गोली से आज़ादी दिलानी होगी।
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अग्निपथ योजना मात्र एक छलावा – अब लोगों को समझ मे आने लगा।

अंधेरे में लुप्त जीवन का नाम अग्निपथ - जो न कभी सच था और ना यह जीवन मे कभी खुशियां ही देने वाला ही था। यह स्कीम भारतीय युवाओं के जीवन के बहुमूल्य समय को नष्ट करने वाला स्कीम है।
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उभरती नृत्यांगना कशिका के नृत्य से मंत्रमुग्ध हुई दिल्ली की मुख्यमंत्री

नृत्यांगना कशिका बस्सी लंबे समय से अपनी मां और गुरु रेणु बस्सी से कथक नृत्य का विधिवत प्रशिक्षण ले रही है।
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पाखंडी बाबा – मुख पर राम राम बगल में छुरी

बाबा यदि वाकई आत्मा की अमरता में विश्वास रखते हैं, तो उन्हें सबसे पहले वाई श्रेणी सुरक्षा का त्याग करना चाहिए — क्योंकि असली संत वही है, जो सत्य के साथ निर्भय खड़ा हो।
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