वैसे तो पत्रकारों को किसी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है, लेकिन समाज में अराजकता फैल जाए। अगर समाज में माफिया पनप जाए तो फिर पहली आवश्यकता पत्रकारों को सुरक्षा देने की है, क्योंकि समाज की इस गंदगी को वो ही उजागर और साफ कर सकता है।
Read More...
मलिक वेलफेयर सोसाइटी के कामयाबी की ओर बढ़ते कदम !
एस. ज़ेड. मलिक नई दिल्ली - संसार मे हर मातृ-पिता बच्चों के भविष्य संवारने के लिये अपनी जीवन को दांव पर लगा देते हैं, परंतु दुर्भाग्यवश सभी मातृ-पिता भग्यशाली नहीं होते, भाग्यशाली होना… Read More...
आलेख-
प्रदूषण की बढ़ती समस्या के प्रति हम आम लोग कितने जागरूक ??
लेखिका- सुनीता कुमारी
पूर्णियाँ बिहारक्या कभी आपने सुना है कि, किसी जानवर ने प्रदूषण फैला दिया हो, हम में से हर किसी का एक ही जवाब होगाकि, शायद नहीं ।
आज तक किसी ने… Read More...
आलेख-
शिक्षित भारत में समस्याओं से घिरी शिक्षा को कब समाधान मिलेगा ?? (भाग-1)
लेखिका सुनीता कुमारी
पूर्णियाँ बिहार ।"शिक्षा" शब्द सुनने के साथ ही हमारे मन में एक ऐसी उम्मीद जगती है ,जैसे हमारी हर समस्या का समाधान हो जाएगा। यह उम्मीद… Read More...
कहानी
नेहा का संघर्ष (शादी से अधिकारी तक)कहानीकार- स्नेहा दुधरेजीया गुजरात
ये कहानी नेहा की है जिसकी बोलती आंखें हर किसी का मन जीत लेती थी। हमेशा हँसने मुसकुराने वाली नेहा सबको हँसाया करती थी।जिंदादिली नेहा के रोम रोम में बसा था।… Read More...
कहानी सौदालेखिका -सुनीता कुमारी
पूर्णियां बिहारसबके कहने पर मैं आपसे अकेले में बात करने आ तो गई पर क्षमा कीजिएगा मैं आपसे विवाह नही कर सकती।
एक उम्मीद लेकर मैं वीणा से मिलने आया था, पर पलक झपकने से पहले ही टूट गया। बड़ी उम्र… Read More...
हवा कहाँ ठहरी है - जो उम्मीद करें यहां ठहर जाएगी - क्या हवा भी किसी के रोके रुका है - यह बात और है की, कुछ लोग हवाई हुकूमत करते हैं। एस . ज़ेड. मलिकनई दिल्ली - 24 नवम्बर 2003 के बाद दलित पिछड़ी जाती का एक ऐसा चेहरा राजनितिक क्षेत्र… Read More...