प्रथम राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय आइकॉन अवार्ड 2025,अधिवेशन

भारतीय साहित्य संस्कृति अकादमी एवं समता साहित्य अकादमी नॆ भारत की सांस्कृतिक बचाने के लिए एक नई पहल आरंभ की है जिससे समाजिक कार्यकर्ताओं का ध्यान राष्ट्र के निर्माण सहयोग करने के लिय अग्रसर रहेंगे - यह खेल भी लगता हिन्दू राशर्त के निर्माण…
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भारत मे बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और नियामक कानूनी ढांचा पर एक जुट हुए व्यापार व उद्योग जगत के…

"भारत की न्यायपालिका यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कानूनी ढांचा तकनीकी परिवर्तन और गतिशीलता वैश्विक व्यापार के साथ कदम से कदम मिलाकर विकसित हो। ई-कोर्ट परियोजना और मध्यस्थता अधिनियम जैसी पहल न्याय वितरण प्रणाली में अधिक दक्षता,…
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“सीमा पर तनाव है, देशवासियों में डर है… और गोदी मीडिया फेक न्यूज़ में मशगूल है!”

सीमा पर तनाव, महंगाई, बेरोजगारी, गिरती अर्थव्यवस्था पर न कोई बहस होती है, न सवाल। गोदी मीडिया की स्क्रीन पर बस चल रहा है:
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रहमान फाउंडेशन का विशेष आयोजन सैयद आसिफ इमाम काकवी और शकील अशरफी को सम्मान

आज के उपभोक्तावादी दौर में इस प्रकार की साहित्यिक-सांस्कृतिक बैठकों का अभाव हो गया है, और रहमान फाउंडेशन जैसी संस्था इस कमी को भरने का सराहनीय प्रयास कर रही है।”
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सोशल मीडिया पर देशविरोध का कारोबार: अभिव्यक्ति की आज़ादी या एजेंडा मार्केटिंग?”

कलम अब ज़िम्मेदार हो - साहित्य, पत्रकारिता, मीडिया और सोशल स्पेस — ये सब लोकतंत्र की रीढ़ हैं। लेकिन जब यही प्लेटफॉर्म विदेशी एजेंडों या राजनीतिक नफ़रत से ग्रस्त हो जाएं, तो उन्हें शुद्ध करना ही राष्ट्र की सुरक्षा का हिस्सा बन जाता है। अब…
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आज  स्वर्गीय श्री मंज़ुरुल हक की 4थी पुण्य तिथि के अवसर पर दुआओं की की दरखास्त

आज  स्वर्गीय  श्री मंज़ुरुल हक की 4थी पुण्य तिथि अवसर पर दुआओं की की दरखास्त ! अल्लाह उनकी मग़फिरत फरमाये और जन्नत उल फिरदौस मे आला मुक़म आता करे - अमीन!
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“सैनिकों का सम्मान: समर्पण और बलिदान की पहचान”

हमारे देश के सैनिक, जो सीमाओं पर अपने प्राणों की आहुति देकर हमारी रक्षा करते हैं, केवल वर्दी का बोझ नहीं उठाते, बल्कि वे हमारे चैन और स्वतंत्रता की सुरक्षा का भी भार संभालते हैं। ऐसे वीरों का सम्मान हमारा नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है। यह…
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एक था पाकिस्तान: इतिहास के पन्नों में सिमटता सच

आखिर में, सिंदूर की सौगंध एक प्रतीक है - वह प्रतीक जो हमें यह याद दिलाता है कि हम अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। यह सिर्फ एक वाक्य नहीं, बल्कि एक वादा है
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