कभी कहते — "भीड़ में मरे तो मोक्ष मिलेगा",
अब कहते — "भीड़ से डर है, व्यवस्था कड़ी रखो भैया।"
क्या यही है त्याग? यही सन्यास?
या है धर्म अब एक सुरक्षित विकास? Read More...
बाबा यदि वाकई आत्मा की अमरता में विश्वास रखते हैं, तो उन्हें सबसे पहले वाई श्रेणी सुरक्षा का त्याग करना चाहिए — क्योंकि असली संत वही है, जो सत्य के साथ निर्भय खड़ा हो। Read More...
हमारे देश में 90 प्रतिशत लोग अपनी संभावनाओं को पहचान ही नहीं पाते। शिक्षा संस्थानों में यह प्रश्न ही नहीं पूछा जाता कि तुम कौन हो और क्या करने के लिए इस धरती पर आए हो।" Read More...
डिजिटल दुनिया में भारतीय भाषाओं में कंटेंट की मांग बढ़ेगी, जिससे क्षेत्रीय मीडिया कंपनियों को अपार अवसर मिलेंगे। संभावना है कि 60 प्रतिशत से ज्यादा कंटेंट भारतीय भाषाओं में हों। Read More...
बटन दबे, हो काम सब, सुविधा मिले अपार।
परिश्रम घटता जो गया, जड़ता दे उपहार।।
मोबाइल की लत लगी, थककर बैठे मौन।
इतना भी ना देखते, पास खड़ा है कौन।। Read More...