BSF जवान शहीद: बिहार के जांबाज़ मो. इम्तियाज़ शहीद हुए, नम आंखों से बेटे ने क्या कह विदा किया?”
“हिम्मत रखो बेटे, तुम्हारे पापा का दर्जा सबको नहीं मिलता। माँ और परिवार का ख्याल रखना – यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
सच ही है, मृत्यु तो सबकी होती है, पर कुछ मौतें इतिहास बना जाती हैं। मोहम्मद इम्तियाज़ की शहादत भी उन्हीं में से…
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