बिहार में बन रही फिल्मसिटी हैदर काज़मी फिल्मसिटी
अभिनेता हैदर काज़मी, जो बिहार में फिल्म सिटी और बिहार स्कूल ऑफ ड्रामा की स्थापना कर रहे हैं।
हैदर काज़मी ने पटना से लगभग 60 किलोमीटर दूर जहानाबाद जिले के काको पाली गांव में 12 एकड़ भूमि पर एक अत्याधुनिक फिल्म सिटी का निर्माण शुरू किया है।
बिहार में बन रही फिल्मसिटी हैदर काज़मी फिल्मसिटी


बिहार – अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत के लिए प्रसिद्ध राज्य, अब फिल्म निर्माण के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करने की ओर अग्रसर है। इस परिवर्तन के अग्रदूत हैं प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और अभिनेता हैदर काज़मी, जो बिहार में फिल्म सिटी और बिहार स्कूल ऑफ ड्रामा की स्थापना कर रहे हैं। हैदर काज़मी ने पटना से लगभग 60 किलोमीटर दूर जहानाबाद जिले के काको पाली गांव में 12 एकड़ भूमि पर एक अत्याधुनिक फिल्म सिटी का निर्माण शुरू किया है। यह स्थान पहले लाल आतंक के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह सिनेमा के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बन रहा है। इस फिल्म सिटी में साउंडप्रूफ जनरेटर, 100 से अधिक लोगों के लिए आवासीय सुविधा, सुसज्जित अभिनेता-अभिनेत्री सुइट्स, पुलिस स्टेशन, हवेली, ग्रामीण झोपड़ियाँ, सामान्य ग्रामीण घर और अस्पताल जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यहाँ पहले ही “कालिया”, “लड़ाई”, “बैंडिट शकुंतला” और “चुहिया” जैसी फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। फिल्म सिटी के साथ ही, हैदर काज़मी ने बिहार स्कूल ऑफ ड्रामा की स्थापना की है, जो राज्य का पहला अभिनय विद्यालय है। यह संस्थान एक साथ 40 छात्रों को प्रशिक्षण देने में सक्षम है, जिसमें मेधावी छात्रों के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था भी है। यहाँ छात्रों को लाइव परफॉर्मेंस का अवसर मिलेगा, जो उन्हें वास्तविक फिल्म निर्माण प्रक्रिया से परिचित कराएगा। इस पहल का उद्देश्य बिहार के युवाओं को अभिनय के क्षेत्र में प्रशिक्षित करना और उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान दिलाना है। हैदर काज़मी ने अपने संसाधनों से इस परियोजना की शुरुआत की है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार फिल्म उद्योग के विकास में सहयोग करेगी। दूसरे राज्यों की तरह, बिहार में भी फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी और अन्य सुविधाएँ प्रदान की जानी चाहिए, जिससे स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को लाभ होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। हैदर काज़मी की यह पहल न केवल बिहार में सिनेमा संस्कृति को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को अपने सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम भी प्रदान करेगी।

