गालिब इंस्टिट्यूट में ड्रामे आयोजन और समापन – किसको क्या मिला

इस शाखा की स्थापना स्वर्गीय आबिदा अहमद ने की थी। उनकी योजना इस शाखा के माध्यम से उर्दू में नाटक की परंपरा को विकसित करने की थी।

मैं इस नाटक महोत्सव के सभी कलाकारों और प्रतिभागियों को अपने काम और भागीदारी से इस महोत्सव को यादगार बनाने के लिए दिल से धन्यवाद देता हूं

ग़ाकब इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित त्रिदिवसीय उर्दू ड्रामा फेस्टिवल का संपन्न।

एमपीएनएन संवाददाता

नई दिल्ली – ग़ालिब इंस्टीट्यूट की शाखा ‘हम सब ड्रामा ग्रुप’ द्वारा आयोजित उर्दू ड्रामा फेस्टिवल का उद्घाटन 20 नवंबर को इवान ग़ालिब में सुश्री माहिरा अहमद सोमर ने किया। इस मौके पर गालिब इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. इदरीस अहमद ने कहा कि गालिब इंस्टीट्यूट का दायरा सिर्फ अकादमिक वार्ता करने तक ही सीमित नहीं है। इस संस्था की सहायक शाखा ‘हम सब ड्रामा ग्रुप’ एक सक्रिय समूह है जिसने नाटक की दुनिया में सक्रिय भूमिका निभाई है। इस शाखा की स्थापना स्वर्गीय आबिदा अहमद ने की थी। उनकी योजना इस शाखा के माध्यम से उर्दू में नाटक की परंपरा को विकसित करने की थी। मुझे खुशी है कि इस महोत्सव का उद्घाटन आज बेगम आबिदा अहमद की पोती श्रीमती माहिरा अहमद सूमर के आशीर्वाद से हो रहा है। उद्घाटन सत्र के बाद पीआर्ट ट्रूप द्वारा डॉ. मोहम्मद सईद आम द्वारा लिखित एवं निर्देशित नाटक ‘सर सैयद’ प्रस्तुत किया गया जिसमें सर सैयद अहमद खान की भूमिका श्री तहसीन मुनूर ने बखूबी निभाई। इस मौके पर नाटक में रुचि रखने वाले लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।

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दूसरे दिन इस्मत चगताई की कहानी पर आधारित नाटक ‘नन्ही जान के दो हाथ

गालिब इंस्टीट्यूट की सहायक शाखा ‘हम सब ड्रामा ग्रुप’ द्वारा आयोजित उर्दू ड्रामा फेस्टिवल के दूसरे दिन इस्मत चगताई की कहानी पर आधारित नाटक ‘नन्ही जान के दो हाथ’ प्रस्तुत किया गया। ये ड्रामा आर यू एस टी थिएटर ग्रुप द्वारा प्रस्तुत, श्री राजेश तिवारी द्वारा निर्देशित यह नाटक मानव मनोविज्ञान और रिश्तों की नाजुकता को दर्शाता है। ग़ालिब इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. इदरीस अहमद ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि हर बार की तरह इस बार भी लोग बड़ी संख्या में नाटक महोत्सव में भाग ले रहे हैं, जिसका मतलब है कि नाटकों के प्रति लोगों की रुचि अभी भी बरकरार है. इस खूबसूरत नाटक के मंचन के लिए मैं इस नाटक के सभी कलाकारों और अन्य कार्यकर्ताओं को हृदय से धन्यवाद देता हूं। इस मौके पर नाटक में रुचि रखने वाले लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।

ग़ाकब इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित उर्दू ड्रामा फेस्टिवल का समापन

गालिब इंस्टीट्यूट की शाखा ‘हम सब ड्रामा ग्रुप’ द्वारा आयोजित उर्दू ड्रामा फेस्टिवल के चौथे और आखिरी दिन लिटिल थेस्पियन कोलकाता का नाटक ‘चाक’ प्रस्तुत किया गया. इस अवसर पर ग़ालिब इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. इदरीस अहमद ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि हर बार की तरह इस बार भी नाटक महोत्सव बड़ी सफलता के साथ अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है और अब तक प्रस्तुत किये गये सभी नाटकों को काफी सराहा गया है आपको क्या पसंद आया? मैं इस नाटक महोत्सव के सभी कलाकारों और प्रतिभागियों को अपने काम और भागीदारी से इस महोत्सव को यादगार बनाने के लिए दिल से धन्यवाद देता हूं। गौरतलब है कि गालिब इंस्टीट्यूट हर साल नवंबर में एक ड्रामा फेस्टिवल का आयोजन करता है जिसमें देशभर से थिएटर ग्रुप हिस्सा लेते हैं और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं. ग़ालिब इंस्टीट्यूट के निदेशक ने ‘हम सब ड्रामा ग्रुप’ की संस्थापक बेगम आबिदा अहमद को भी याद किया और कहा कि जब उर्दू नाटक के लिए ऐसी कोई संस्था नहीं थी, तब बेगम आबिदा अहमद ने इस ग्रुप की स्थापना की थी. इसके विकास के लिए व्यावहारिक कदम उठाएं. इस समूह ने उर्दू नाटक के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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