होप आशा की एक किरण” संस्था के ज़रिए डॉ दर्शनी प्रिय ने बताया 21 वीं सदी को महिलाओं के महानतम उपलब्धि की सदी

इस तरह के कार्यक्रम लगातार होते रहने चाहिए जिससे प्रतिभाओं को न केवल मुख्य धारा से जोड़ने का अवसर प्राप्त होगा

इस दौरान उत्कृष्ट योगदान देने वाले युवाओं और महिलाओं को न केवल सम्मानित किया गया अपितु उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी गई।

होप आशा की एक किरण” संस्था के ज़रिए डॉ दर्शनी प्रिय ने बताया 21 वीं सदी को महिलाओं के महानतम उपलब्धि की सदी

 

एमपीएनएन – संवादाता
एक स्वयंसेवी संस्थान “होप आशा की किरण” द्वारा इंद्रप्रस्थ प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन दिल्ली स्थित ऐपीवी स्टूडियो, शास्त्री नगर में दिनांक 1 मार्च 2025 को किया गया। कार्यक्रम में देशभर की मशहूर हस्तियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि के तौर पर लोकप्रिय लेखिका और पत्रकार डॉ दर्शनी प्रिय ने शिरकत की। “होप आशा की किरण”, संस्थान द्वारा इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन बड़े ही व्यवस्थित रूप से किया गया जिसमें देश भर से आए हुए विभिन्न क्षेत्र के लोगों ने भागीदारी की। संस्थान के संरक्षक डॉक्टर संजय वत्स और आयोजक डॉक्टर कबीर शर्मा टाइगर ने मुख्य अतिथि डॉ दर्शनी प्रिय को पुष्प गुच्छ और शॉल प्रदान कर स्वागत किया। दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई। दिल्ली पुलिस की अधिकारी सुश्री नीलम और तिहाड़ जेल के अस्सिटेंट सुपरीटेंडेंट श्री राजेश कुमार ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। साथी राजस्थान झालावाड़ से आए अतिथि श्री प्रेम जाखड़ और कोलकाता से आए श्री शंकर जलान और सुश्री सीमा गुप्ता ने कार्यक्रम में चार चांद लगाए। देशभर की प्रतिभाओं के सम्मान के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया जिसमें बीच-बीच में संगीत, जादू से जुड़े शो और नृत्य के ज़रिए मनोरंजन बनाया गया। इस दौरान उत्कृष्ट योगदान देने वाले युवाओं और महिलाओं को न केवल सम्मानित किया गया अपितु उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी गई। कार्यक्रम में वक्ताओं के भाषण के साथ-साथ डॉक्टर कबीर द्वारा कई मधुर संगीत भी प्रस्तुत किए गए जिससे दर्शकों का भरपूर मनोरंजन हुआ। साथ ही आमंत्रित अतिथियों ने मंच पर अपनी बात भी रखी। डॉ दर्शनी प्रिय ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि,”21वीं सदी की अब महिलाओं की सदी है। वे दिन बीत गए जब महिलाओं को अपने अधिकारों और हक के लिए कानून और अदालतों का सहारा लेना पड़ता था।आज महिलाएं सजग है, सचेत हैं,सक्रिय हैं। वे अपना अधिकार और हक लेना स्वयं जानती हैं। उन्होंने डॉक्टर कबीर और संस्थान, होप आशा की किरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी संस्थाएं प्रतिभाशाली लोगों और समाज के अन्य लोगों के बीच एक पुल का काम करती हैं जो इस तरफ और उस तरफ के लोगों को आपस में जोड़ती हैं।जिससे समाज में संवाद के साथ-साथ सौहार्द और जन कल्याण की भावना का भी संचार होता है। इस तरह के कार्यक्रम लगातार होते रहने चाहिए जिससे प्रतिभाओं को न केवल मुख्य धारा से जोड़ने का अवसर प्राप्त होगा बल्कि उन्हें ऊर्जावान बनाकर प्रगति के पथ पर अग्रेषित भी किया जा सकेगा।डॉक्टर कबीर ने बताया कि उनकी संस्था लगातार ऐसे प्रयास भविष्य में भी करती रहेगी और युवा प्रतिभाओं को जोड़ती रहेगी।

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