सऊदी अरब के आईटी कम्पनी में कार्यरत केरला निवासी डोमिनिक साइमन की सऊदी में गिरफ्तारी पर भारतीय दूतावास चुप क्यूँ ?
सऊदी में साइमन के बीवी बच्चे परिशानिओं का सामना कर रहे हैं -
सालिनी स्कारिया का मानना है कि मुझे अब तक रियाद में स्थित भारतीय राजदूत श्री औसाफ़ सईद साहब से मिल कर उन के समक्ष अपनी सारी बात रखना चाहती हूं लेकिन या तो मुझे अधिकारी जान बूझ कर मिलने नही दे रहे हैं या भारतीय राजदूत श्री औसाफ़ सईद साहब वह स्वयं ही मुझसे मिलना नहीं चाहते । साइमन की पत्नी का कहना है कि रियाद स्थित दूतावास के अन्य पदाधिकारीगण कहते कि भारतीय राजदूत श्री औसाफ़ सईद बेहद शालीन और विन्रम स्वाभाव के है, यदि उन्होंने पूरी बात सुन लिया तो समस्या का समाधान निकल आएगा
भारतीय प्रवासी डोमिनिक साइमन की सऊदी में गिरफ्तारी पर भारतीय दूतावास चुप क्यूँ ?

पत्रकार से सीधे बात-चीत में साइमन की पत्नी ने कहा कि पिछले दिनों दूतावास के कुछ अधिकारियों से मिली सभी से केवल सहानभूति और संतावना ही मिला । सालिनी स्कारिया का मानना है कि मुझे अब तक रियाद में स्थित भारतीय राजदूत श्री औसाफ़ सईद साहब से मिल कर उन के समक्ष अपनी सारी बात रखना चाहती हूं लेकिन या तो मुझे अधिकारी जान बूझ कर मिलने नही दे रहे हैं या भारतीय राजदूत श्री औसाफ़ सईद साहब वह स्वयं ही मुझसे मिलना नहीं चाहते । साइमन की पत्नी का कहना है कि रियाद स्थित दूतावास के अन्य पदाधिकारीगण कहते कि भारतीय राजदूत श्री औसाफ़ सईद बेहद शालीन और विन्रम स्वाभाव के है, यदि उन्होंने पूरी बात सुन लिया तो समस्या का समाधान निकल आएगा, उन अधिकारियों पर भरोसा कर सलिनी ने पत्रकार से कह की मुझे पूरा भरोसा है कि औसाफ़ सईद साहब से यदि एक बार हमारी मीटिंग हो जाये तो समस्या का समाधान जो सकता है। परन्तु उनसे क्यूँ नही मिलने दिया जाता है यह संशय बना हुआ है।
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| भारतीय राजदूत – श्री औसाफ़ सईद (रियाद) |
साइमन के मित्र सोशल एवं आरटीआई एक्टिविस्ट महेश विजयन का आरोप है कि पिछले महीने 8 जुलाई को भारतीय दूतावास में या तो अधिकारियों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर या डोमिनिक द्वारा प्रस्तुत आरटीआई प्रश्नों के प्रतिशोध में उनके द्वारा की गई शिकायत के आधार पर सऊदी अधिकारियों ने भर्मित हो कर डोमिनिक को हिरासत में ले लिया है। सऊदी अरब में एक केरला निवासी भारतीय आरटीआई कार्यकर्ता डोमिनिक साइमन की गिरफ्तारी विचारणीय है। सवाल है क्या केरला निवासी भारतीय आरटीआई कार्यकर्ता डोमिनिक साइमन अवैध रूप से रह रहा था ? क्या सऊदी में उसकी संदिग्ध भूमिका थी ? या सऊदी अब प्रसाशन को गुमराह कर उसे जान बुझ कर एक षड्यंत्र के तहत फंसाया गया ? यह सवाल इस लिए अनिवार्य की जो व्यक्ति विशेषकर कोविड़ -19 महामारी के दौरान अपनी जान की परवाह किय बगैर लोगो को सुरक्षा के प्रति जागरूक करता हो और विशेष कर सऊदी में रह रहे प्रवासी केरल वासियों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिये सऊदी दूतावास और भारत सरकार से विमान की विशेष व्यावस्था कराने और प्रवासिओं को उनके गंतव्य स्थानों तक सुरक्षित पहुंचाने का सक्रिय भूमिका अदा कर सराहनीय कार्य कर रहा था। फिरभी उसकी गिरफ्तारी – सऊदी दूतावास को शक के दायरे में तो खड़ा करता है। आरटीआई कार्यकर्ता डोमिनिक साइमन की गिरफ्तारी केवल इसलिये किया गया कि वह सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी उपयोग कर लोगों को अधिकारों के बारे में शिक्षित और जागरूक कर रहा था। ऐसा मानना है कि 8 जुलाई को भारतीय दूतावास में या तो अधिकारियों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर या डोमिनिक द्वारा प्रस्तुत आरटीआई प्रश्नों के प्रतिशोध में उनके द्वारा की गई शिकायत के आधार पर सऊदी अधिकारियों ने भर्मित हो कर डोमिनिक को हिरासत में ले लिया है।


