कायनात इंटरनेशनल स्कूल काको द्वारा डॉ. ज़ाकिर हुसैन की जयंती पर भव्य समारोह का आयोजन।
शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान न केवल ज्ञान के प्रसार में सहायक है,
शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान न केवल ज्ञान के प्रसार में सहायक है, बल्कि यह समाजों को आपसी समझ और सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करने में भी मदद करता है – एड्रिन अलवानी
कायनात इंटरनेशनल स्कूल काको द्वारा डॉ. ज़ाकिर हुसैन की जयंती पर भव्य समारोह का आयोजन।

सैयद आसिफ इमाम काकवी
काको, बिहार भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. ज़ाकिर हुसैन की जयंती के अवसर पर बेसिक एजुकेशन दिवस को कायनात इंटरनेशनल स्कूल, काको में उत्साह पूर्वक मनाया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षा के महत्व, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और समाज में शिक्षा की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कायनात नगर, काको परिसर में वृक्षारोपण और प्रदर्शनी के उद्घाटन से हुई। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडेय, पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद प्रताप सिंह और डॉ. अब्दुल हई ने उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
इसके बाद, डॉ. ज़ाकिर हुसैन के जीवन और उनकी धरोहर पर आधारित एक भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया, जिसमें उनके शैक्षिक योगदान और भारत में शिक्षा सुधार की दिशा में उनके प्रयासों को दर्शाया गया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें इंडोनेशिया एंबेसी के शैक्षिक और सांस्कृतिक अताशे, डॉ. अल्ड्रिन हरवानी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भारतीय और इंडोनेशियाई छात्रों के बीच शैक्षिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस पहल के तहत दोनों देशों के छात्रों ने एक-दूसरे की संस्कृति और शिक्षा प्रणाली को समझने का अवसर प्राप्त किया। यह भव्य कार्यक्रम तीन दिनों तक चला, जिसके अंतिम दिन सिल्वर जुबली एवं पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
• डॉ. अहमद अब्दुल हई – डॉ. ज़ाकिर हुसैन मेमोरियल अवार्ड 2025
• डॉ. फरहत हसन – डॉ. ज़ेड. पलवी अवार्ड • डॉ. चंद्रिका प्रसाद यादव डॉ. रघुवंश सिंह मेमोरियल अवॉर्ड 2025 • डॉ. सत्यजीत सिंह – सुखदेव प्रसाद वर्मा मेमोरियल अवार्ड इस अवसर पर डॉ. अल्ड्रिन हरवानी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान न केवल ज्ञान के प्रसार में सहायक है, बल्कि यह समाजों को आपसी समझ और सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करने में भी मदद करता है।
इस कार्यक्रम के दौरान कायनात इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने विज्ञान प्रदर्शनी के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसमें विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में किए गए नवीनतम आविष्कारों को प्रस्तुत किया गया। साथ ही, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोक नृत्य, नाटक और संगीत प्रस्तुत किए गए, जिनमें भारतीय और इंडोनेशियाई सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। इस अवसर पर डॉ. जफरउल्लाह पलवी ने डॉ. ज़ाकिर हुसैन के योगदान पर आधारित एक शोध पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें उनकी शैक्षिक नीतियों और भारतीय शिक्षा प्रणाली के विकास में उनके योगदान को रेखांकित किया गया। कायनात इंटरनेशनल स्कूल के संस्थापक शकील अहमद काकवी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए इंडोनेशियाई दूतावास का आभार प्रकट किया। उन्होंने “आधी रोटी खाओ बच्चों को पढ़ाओ” अभियान की अपील करते हुए शिक्षा में निवेश करने के महत्व को उजागर किया। जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडेय ने कायनात इंटरनेशनल स्कूल की ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज के समग्र विकास की कुंजी है। पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद प्रताप सिंह ने सिल्वर जुबली के अवसर पर स्कूल को बधाई देते हुए इसे पारंपरिक और आधुनिक शिक्षा के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावकों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि एक सशक्त समाज निर्माण की नींव भी है।


