मो. शनवाज़ आलम मलिक ज़िला बीस सूत्री योजना के सदस्य बनाये गए – पहली बैठक में उठाये गम्भीर मुद्दे
बिहार सरकारने अल्पसंख्यक उयोजनाओं का विस्तार किया जो जन-जन तक पहुंचाने का की ज़िम्मीवारी तमाम जदयू नेताओं की है - शनवाज़ आलम
मैं अपने क्षेत्र की जनता को अपनी सरकार की किसी भी लाभकारी योजनाओ से वंचित नहीं होने दूंगा, मैं आने पूरी निष्ठा से आने डाएटवों का निर्वाह करूंगा – शाहनवाज़ आलम मलिक
जदयू नेता मो. शाहनवाज़ बिहार बिससूत्री कार्यक्रम के सदस्य नियुक्त – जमुई ज़िला के विकास के उठाये मुद्दे।

जमुई संवादाता/एमपीएनएन
बिहार/जमुई – जमुई ज़िला के आढ़ा निवासी मो. शाहनवाज़ आलम मलिक ज़िला बीस सूत्री कार्यक्रम का सदस्य नियुक्त किया जिससे ज़िला के अल्पसंख्यक समुदायें में उनके प्रति जहां खुशी की लहर है वही अल्पसंख्यक समुदायें में अपने ग्रामीण विकास के लिये एक आशा की उम्मीदें जगी है। ज्ञात हो कि मो. शाहनवाज़ आलम मलिक पिछले कई वर्षों से क्षेत्रीय राजनीत से जुड़े हुए हैं पिछले दिनों उनके राजनीतिक में सक्रियता को देखते हुए राज्य जनतादल यूनाइटेड ने उन्हें बिहार राज्य सचिव की ज़िम्मीवारी सौंपी है। जानकार सूत्रों द्वारा शाहनवाज़ आलम की मुख्यमंत्री के नजदीकी होने के कारण ज़िला जमुई का उन्हें बिस सूत्री कार्यक्रम में शामिल किया गया है। ज़िला बीस सूत्रीकार्य में यह उनकी पहली बैठक थी जिसमे उन्होंने अपने ज़िला के ग्रामीण क्षत्रों की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया।
श्री शाहनवाज़ ने अपने ज़िला के अल्पसंख्यक समुदायें की समस्याओं के मुद्दे को उठाते हुए क़ब्रिस्तान की घेराबंदी, स्कूलों में उर्दू शिक्षकों की बहाली, मुस्लिम बस्तियों में नल-जल योजन तहत खोदी हुई भूमि को लेबल कर गलियों एवं नालियों का पक्कीकरण, कर्बला का नवीकरण एवं ब्लॉकों में बीडीओ सीओ के कार्यालयों परिमार्जन में लूट खसोट एवं मोटेशन के लिए पैसा लेने बावजूद समय पर काम नही होता काम निर्धारित समय पर हो एवं अल्पसंख्यकों के लिये जो भी योजनायें राज्य सरकार की ओर से बनाई गई है वह अल्पसँख्यकों तक पहुंचाई जाए तथा अल्पसंख्यक छात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाये, जो योजना ज़िला के स्कूलों तक नहि पाहुँच रहा है तथा योजना का लाभ अल्पसंख्यक छात्रों को नहीं दिया जा रहा उस पर जांच बैठाई जाए और दोषियों पर उचित कारवाई की जाये।


