भारत सरकार का एक और साहसी निर्णय जो काफी सराहनिये है

भारत सरकार, बहुत जल्द जारी करेगी पार्श्व गायक मोहम्मद रफ़ी साहब के सम्मान में 100 ₹ का सिक्का

मोहम्मद रफी साहब के याद में उनके 100वें जन्मशताब्दी के अवसर पर उनके चित्र वाला 100 ₹ का सिक्का जारी करने का जो निर्णय लिया वह बहुत ही प्रशंसनिय और साहसी क़दम है

पार्श्व गायक मोहम्मद रफी की याद में भारत सरकार द्वारा 100 ₹ का सिक्का जारी करने का फैसला साहसिक और सराहनिये क़दम।

एस. ज़ेड. मलिक
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 यूं तो भारत की वर्तमान केंद्र की भाजपा सरकार पर हिंदुत्ववादी सरकार की मुहर लगा दि गई है, और लगे भी क्यूं नहीं, वर्तमान की केंद्र सरकार के कुछ कड़े निर्णय भी ऐसे हैं, जो विशेष कर बहुसंख्य समुदायेंओं को संगठित करने और उन्हें वोट बैंक बना कर उनका इस्तेमाल करने के लिये जो साहसी और निर्णायक क़दम उठाया है, उससे चाहे आम जनता हो या धर्मनिरपेक्ष कहे जाने वाली अन्य राजनीतिक दल हों सभी के मनोमष्टिस्क में भाजपा सरकार एक सम्प्रदायिक सरकार होने की क्षवी बैठ सी गई हैं, परन्तु दुसरीं ओर इसी भाजपा की सरकार ने अपने दस वर्षों के कार्यकाल में कुछ ऐसे कड़े निर्णय भी लिए हैं जिससे भारत के अल्पसंखकों में विशेषकर मुस्लिम समुदायें के लिये लाभदायक साबित हो रहा है, जो काफी सराहनिये और साहसिक क़दम माना जा रहा है। जैसे “तीन तलाक़” पर पाबंदी, वक़्फ़ बोर्ड में केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों में हिन्दू और महिला समुदायें का सदस्यों का होना जिससे वक़्फ़ की संपत्ति को बंदरबांट से रोका जा सके और उस भूमि का सही जगह इस्तेमाल हो सके, एक तरह से केंद सरकार का वक़्फ़ बोर्ड में हस्ताक्षेप सही भी है लेकिन दुसरीं ओर गलत भी है, सही उन लोगों के लिए जो सीधे सादे आम मुसलमान हैं जो चाहते कि वक़्फ़ की संपत्ति का सही उपयोग हो, जो वक़्फ़ बोर्ड के ओहदेदार सदस्य अब तक अपनी मन मर्ज़ी की करते आ रहे थे उन में केंद्र सरकार के हस्ताक्षेप से डर बैठ गया, जिससे उनकी मनमानी पर अचानक से रोक लग गई इसी लिये कट्टरवादी मुस्लिम संगठनो को केंद्र का हस्तक्षेप पसंद नहीं आ रहा है और वह हो हल्ला मचा रहे है, वहीं केंद्र सरकार का वक़्फ़ बोर्ड में हस्ताक्षेप एक तरह से गलत भी है, गलत इसलिये है कि यदि केंद्र सरकार यदि वक़्फ़ बोर्ड में गैरमुस्लिम सदस्यों को बहाल कर रही तो धर्मशाला, मठों के समितियों में भी मुस्लिम सदस्यों को रखना चाहिये न्याययोचित ईमानदारी से निर्णय तो यही होना चाहिये, दुसरीं बात जो वक़्फ़ बोर्ड के लिये खतरा है वह की बोर्ड में बहुत सी ऐसी ज़मीन है जिसका पेपर दीमक कहा गया है या रद्दी में फेंका गया है ऐसी भूमि को केंद्र सरकार अपने कब्जे में ले कर उसका भी गलत इस्तेमाल ही करेगी इसलिये की यह सरकार तो कट्टर हिंदुत्ववादी मन्दिरमाफ़ियाओं और भूमाफियाओं की सरपरस्ती में चल रही है, इसलिये इस सरकार पर भरोसा भी नहीं किया जा सकता, इसी लिये केंद्र का बोर्ड में हस्ताक्षेप सही नही है। वही केंद्र सरकार का एक और साहसी निर्णय यह है कि कश्मीर के मुसलमानों के पक्ष में 370 ए हटाने का निर्णय, भी केंद्र सरकार ने अपने हित को देखते हुए यह साहसी निर्णय लिया ताकि 370 हटा कर पूंजीपतियों भूमाफियाओं को कश्मीर में बसाया जा सके। बहरहाल लेकिन यह भी एक कटु सत्य है कि इसी अफरातफरी के बीच भाजपा की केंद्र सरकार का एक और साहसिक और सराहनिये निर्णय जो काफी प्रशंसनीय है जिसे रहती दुनियाँ तक याद किया जाएगा, यह साहसिक क़दम है भारत के पार्श्व गायकों में से एक सुगम मधुर स्वर के मालिक मोहम्मद रफी साहब के याद में उनके 100वें जन्मशताब्दी के अवसर पर उनके चित्र वाला 100 ₹ का सिक्का जारी करने का जो निर्णय लेना यह बहुत ही प्रशंसनिय और साहसी क़दम है, जिसकी जितनी भी सराहना और प्रशंसा की जाये कम होगी। लेकिन इसका भी विरोध कट्टर हिंदुत्वादी संगठन ज़रूर करेंगे। तब देखना है कि सरकार अपने निर्णय पर कायम रहती है या अपने निर्णय को बहुमत की आवाज़ बता कर बैकफुट आती?, यह तो अब समय बतायेगा।
अब सवाल उठता है यह विशेष सम्मान रफी साहब के जन्मशताब्दी के अवसर पर लॉन्च होना चाहिए था, परन्तु उस अवसर पर नहीं हो सका इस बाबत में जानकार सूत्रों से पता चला कि चुनाव एवं बजट सत्र के कारण यह कार्यक्रम में विलंब हुआ है अब जल्द ही इसे मार्केट लॉन्च किया जायेगा।
आइये जानते रफी साहब को कहां से और कब किस अवार्ड से सम्मानित किया गया?
 स्वर्गीय मो. रफी साहब को सब से पहले 1948 में

 अब रफी साहब के चाहने वाले रफी साहब को “भारत रत्न”  से सम्मानित करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। देखते भारत सरकार इस पर कब निर्णय लेती है। 

बाहरहाल – आइये समझते भारत सरकार के गज़ट को जिसमे स्वर्गीय रफ़ी साहब के नाम का सिक्के बनाने की योजना है।
वित्त मंत्रालय 
(आर्थिक कार्य विभाग) 
अधिसूचना 
नई दिल्ली, 12 फरवरी, 2025
सा.का.नि. 132(अ).—केन्द्रीय सरकार, सिक्का निर्माण अधिनियम, 2011 (2011 का 11) की धारा 24 की उपधारा (2) के खंड (घ) और खंड (ड.) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित नियम बनाती है, अथाित्:-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम सिक्का का-निर्माण (मोहम्मद रफी की जन्मशताब्दी के अवसर पर स्मारक सिक्का जारी करना ) नियम 2025 है।
(2) ये राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे। 
2. सिक्के का मूल्यवर्ग – मोहम्मद रफ़ी की जन्मशताब्दी के अवसर पर केंद्रीय सरकार के प्राधिकार के अधीन जारी करने के लिये टकसाल में एक सौ रुपये मूल्यवर्ग का सिक्का ढाला जायेगा।
3. सिक्के की विमाये और संरचना.– नियम 2 में उल्लेखित उपरोक्त मूल्यवर्ग सिक्के, निम्नलिखित विमाओं और संरचना के अनुरूप होंगे, अर्थात :-
THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY[PART II—SEC. 3(i)]
सिक्के का मूल्यवर्ग
आकार और बाह्य व्यास
दांतेदारों किनारे की संख्या
धातु की संरचना
(1) एक सौ रुपया
(2) वित्त आकार 44 मिलीमीटर
(3) 200
(4) चतुर्थीक मिश्र धातु, चांदी-50 प्रतिशत, तांबा- 40 प्रतिशत, निकल – 05 प्रजतित, जस्ता – 05 प्रजतित
4. डिज़ाइन – सिक्के का डिजाइन इन नियमों की पहली अधिसूची में विनिर्दिष्ट होगा। 
5. मानक वजन और अनुज्ञात उपचार – मोहम्मद रफ़ी के जन्मशताब्दी के अवसर पर स्मरणोत्सव मनाने के लिये उपरोक्त मूल्यवर्ग के ढाले गये सिक्के का मानक वजन और ऐसे सिक्के बनाने में अनुज्ञात वह होगा जो इन नियमों की दुसरीं अनुसूची में यथा विनिर्दिष्ट है।
प्रथम अधिसूचना 
(नियम 4 देखें) 
एक सौ रुपये 
अग्र भाग: 
सिक्के के मुख्य भाग पर मध्य में अशोक स्तम्भ का सिंह शीर्ष  होगा, जिसके नीचे “सत्य मेव ज्यते” लेख उत्कीर्णित होगा। 
उसकी बाईं परिधि पर देवनागरिक लिपि में “भारत” शब्द और दाईं परिधि पर अंग्रेज़ी में “INDIA” शब्द लिखा होगा। 
सिंह स्तम्भ शीर्ष के नीचे रुपये का प्रतीक “₹” और अंतरराष्ट्रीय अंकों में अंकित मूल्य “100” भी होगा।
पृष्ट भाग: 
सिक्के के इस भाग के मध्य में मोहम्मद रफी का चित्र होगा। सिक्के की उपरी परिधि पर देवनागरी लिपि में “मोहम्मद रफ़ी की रफी की “जन्म शताब्दी” लिखा होगा। सिक्के की निचले परिधि पर अंग्रेज़ी में “BIRTH CENTENARY OF MOHAMMED RAFI” वर्णित होगा। मोहम्मद रफी के चित्र के नीचे अंतरराष्ट्रीय अंकों में वर्ष “1924 – 2024” लिख होगा। 
दूसरी अधुसूची 
(नियम 5 देखें)
सिक्के का मूल्यवर्ग – एक सौ रुपये
(1) मानक वजन – 35 ग्राम
(2) अनुज्ञात उपचार – 
(3) धातु संयोजन में – चांदी के लिये 1/5 हिस्सा या घटा अर्थात चांदी का अंश प्रति 1000 में 498 से 502 के बीच हो सकेगा।
(4) मानक वजन में – 1/100वां हिस्सा जमा या घटा अर्थात वजन 34.65 ग्राम से 35.35 ग्राम तक हो सकता है।
[फा. सं. 02/01/2024 -सिक्का]
अपर्णा भाटिया, सलाहकार
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ZEA
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