हरियाणा चुनाव से पहले मेवात की समस्याओं के निदान के लिये मेवाती स्टूडेंट यूनियन की हरियाणा सरकार को चेतावनी
मेवात की समस्या ले कर पहुंचे दिल्ली मेवाती स्टूडेंट यूनियन - कहा "वोट उसी को जो मेवात के समस्याओं का निदान करेगा।
मेवात में खुल रहे स्लाटर हाउस को बन्द करवाने एवं मेवात में यूनिवर्सिटी खुलवाने, मेवात में पहाड़ को जनता के हवाले करने के की मांग को लेकर दिल्ली के प्रेस क्लब में कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केंद्र सरकार से गुहार।
मेवात की समस्या ले कर पहुंचे दिल्ली मेवाती स्टूडेंट यूनियन – कहा “वोट उसी को जो मेवात के समस्याओं का निदान करेगा। मोबाशशिर मेवाती
मेवात में खुल रहे स्लाटर हाउस को बन्द करवाने एवं मेवात में यूनिवर्सिटी खुलवाने, मेवात में पहाड़ को जनता के हवाले करने के की मांग को लेकर दिल्ली के प्रेस क्लब में कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केंद्र सरकार से गुहार।

एस. ज़ेड. मलिक
नई दिल्ली – पिछले दिनों मंगलवार नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में मेवात में खुल रहे स्लाटर हाउस को बन्द करवाने एवं मेवात में यूनिवर्सिटी खुलवाने, मेवात में पहाड़ को जनता के हवाले करने की मांग को लेकर दिल्ली के प्रेस क्लब में कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केंद्र सरकार से गुहार लगाई है।

दरअसल, मेवात, हरियाणा का पश्चिमी दक्षणी और राजस्थान का अलवर और उत्तरप्रदेश का कोसी क्षेत्र मेऊ कहलाता इस जगह के रहने वाले मेवाती मऊ कहलाते है इनका एक इत्तिहास है, यह मुगलों से लड़े हैं उसके बाद अंग्रेजों से भी लोहा लिया था यह बहुत बहादुर मेहनती और ईमानदार लोग है, इसमे अधिकतर मुसलमान हैं, यहां सब से अधिक स्वतंत्रता सेनानी, और फौजी मिलेंगे, यहां लोग बड़े ही प्रश्रमी है जो खेतीहर किसान और ड्राइवर हैं जो अपने ही परिश्रम पर निर्भर है। वैसे कुछ फौजी में है तो कुछ हरियाणा पुलिस में, अब कुछ तबका शिक्ष की ओर जागरूक हुआ है, जो भारत के विभिन्न विश्विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे है कुछ रिसर्च को ओर हैं तो कुछ आईएएस बनने की तैयारी कर रहे हैं, अब इनमें लोकतंत्र की समझ आई है और अपने अधिकार को समझने लगे है, यह शिक्षित युवा पीढ़ी है, जिनमे सामाजिकता आये है अपने क्षेत्र किंसमस्याओं को भली भाँती देखने और समझने लगे हैं। जबकि पहले से वहां की जनता का प्रतिनित्व करने वाले विधायक अपने थोड़े से स्वार्थ की खातिर वह सत्ता की गुलामी में व्यस्त हैं उन्हें अपने क्षेत्र के समस्याओं से कुछ लेना देना नहीं। इन्ही विधायकों के सहयोग से वहां, कइएक स्लाटर हाउस खुल गए हैं जिसके कारण वहां उपजाऊ भूमि पर असर पड़ा है और भूमि का जल दूषित हो गया है, यही कारण है कि आज मेयो के युवा और छात्र मेवात की समस्याओं के मद्देनजर लामबंद होने लगे हैं ।
इसी संदर्भ में मेवाती स्टूडेंट यूनियन पिछले दिनों केंद्र सरकार से लेकर हरियाणा सरकार को अपनी 23 बिंदु मागों को ले कर नई दिल्ली के प्रेस क्लब में प्रकार सम्मेलन कर अपने 23 बिंदु कार्यक्रम को सुनाया, इन्हों प्रेस के माध्यम से केंद्र एवं हरियाणा सरकार को एक प्रकार से चेतावनी दी है कि यदि हमारी समस्याओं का निदान नहीं किया गया तो 6 महीने बाद ही जीतने वाले प्रतिनिधियों को धेरेंगे और जनलोकपाल के तहत जनता की अदालत खड़ा करेंगे उन्हें उस क्षेत्र में उनका सामाजिक मे बहिष्कार किया जायेगा। इस अवसर पर मेवाती स्टूडेंट यूनियन का नेतृत्व कर रहे मोबाशशिर मेवाती यूनियन की ओर जनसमस्याओं के निम्नलिखित बिंदुओं को अपने वक्तव्य में प्रेस बताया। जो मांगे हैं वह इस प्रकार हैं।
1) मेवात क्षेत्र में एक यूनिवर्सिटी स्थापित किया जाये।
2) राष्ट्रीय राजमाग के अतिरिक्त रष्ट्रीय राजमार्ग जुड़ने वाली सभी सड़को को चौड़ीकरण 4 लाइन बनाने की मांग।
3) मेव समुदायें अनुसूचित जनजातियों में शामिल कर उन्हें भी मीणा की तरह शिक्षा एवं नौकरियों में आरक्षण दिया जाये।
4) ड्राइवरी लाइसेंस आसान किया जाये।
5) नशा विरोधी अभियान के तहत वहां नशा का कारोबार रोका जाये। नहीं तो उड़ता मेवात नाम से इस पर भी फ़िल्म बन जायेगा
6) लड़कियों केलिय सुरक्षित शिक्षा और रोजगार के रास्ते आसान किये जायें।
7) तिजारा सड़क का विकास
8) मेंवात क्षेत्र में बूचड़खाने पर प्रतिबंध लगाया जाये। जिससे मेवातियों का स्वास्थ्य सही रहे।
9) रेल मार्ग प्रशस्त किये जायें जिससे कि रोजगार सुचारूरूप से चलता रहे।
10) सिंचाई सुविधा प्रशस्त किये जायें।
11) मेवात नूह क्षेत्र में एक सैनिक स्कूल बनाया जाए जिससे कि वहां के बच्चे देश की सेवा केलिय तैयार हो सकें, उस क्षेत्र में अधिकतर सेवानिर्वित सेना के लोग हैं कम से उनके बच्चे भी आर्मी बन सकें।
12) स्वस्थ्य सुविधाएं बेहतर बनाया जाये, दिल्ली की तरह वहां भी जगह जगह अस्पताल और मोहल्ला क्लीनिक खोला जाए ताकि गरीब निरशन भी स्वस्थ उपचार सम्बन्धी सेवा ले सके। अस्पताल के नाम पर मात्र ढांचा है जहां न बेहतर दवाएं हैं न अन्य सुविधाएं। हर अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाए।
13) सरकारी अधिकृत क्षेत्रो का विकास हो जिससे कि उपनिवेशों के विकास में बेहतर भूमिका निभा सके।
14) मेट्रो रेल का मार्ग प्रशस्त हो।
15) किसानों को उचित भूमि का बेहतर मुआवज़ा मिले।
16) पेयजल की सुविधाएं मुहैया कराई जाए।
17) लिंचिंग विरोधी कानून बनाया जाये। जिससे कि लिंचिंग करने वालों पर लगाम लग सके।
18) मेवात के लिए एक समर्पित आर्थिक नीति बनाई जाये
19) चौबिसों घण्टे बिजली मुहैया कराई जाए।
20) स्थानीय नगरपालिका का ढांचागत विकास हो। और अंत में (21वां पॉइंट), दिल्ली और चंडीगढ़ में मेवात भवन निर्माण होना चाहिये। ताकि चंडीगढ़ हमारे राज्य की राजधानी है और वहां ही विधानसभा, सचिवालय, और निदेशालय है मेवात से लोग चंडीगढ़ काम कराने जाते हैं तो उन्हें काफी खर्च उठा पड़ता है, ताकि गरीब आदमी भी वहां जा कर रह सके।
बहरहाल – मेवाती छात्र संगठन के मोबशशिर ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार जो भी जनप्रतिनिधि जीत कर विधान सभा मे जाएगा वह इन 21 बिंदुओं पर काम करेगा तो दुबारा विधान सभा मे जनता ने जीता कर भेजेगी। वरना जनता के प्रकोप का सामना करने को तैयार रहें।
इस अवसर पर मोहम्मद ज़ाहिद ने वहां के जनसमस्याओं से अवगत कराते हुए वहां आये दिन हो रहे मोब्लिंचिंग पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज वहां के आम मुस्लिम छात्र और कारोबारी डर के साये जीवन यापन कर रहे है, यह वर्तमान बहुत बड़ी समस्या है जिसका निदान होना अतिआवश्यक है। वहीं उपस्थित आवाज़ ने छात्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, तथा वहां उपस्थित इनामुल हसन में ने बूचड़खाने से होनेवाली समस्याओं को विस्तार से बताया वहीं उस के कारण हो रहे मोब्लिंचिंग के बारे कहा यदि ऐसी जहाजों पर बूचड़खाने बन्द हो जाते है तो कम से कम मोब्लिंचिंग करने वालों को इनका बहाना तो न रहेगा। और बूचड़खाने से पैदा होनेवालीनस्वस्थ्य सम्बन्धी समस्याओं में बहुत हद तक कमी आएगी।
ज्ञात हो कि बूचड़खाने आज अधिकतर हिन्दु समुदाये के उद्योगपतियों के हैं और गौ हत्या के नाम पर गरीब मुसलमानों की हत्या की जा रही है, और वह वारदात वहीं अधिकतर हो रहा जहां भाजपा की सरकार है। वहां अशिक्षित बेरोजगार हिन्दू युवाओं को गुमराह कर उसी से गरीब कमज़ोर छोटे मोटे मुस्लिम व्यापारिओं हत्या कराई जाती है और हत्यारो का दिखावे का सम्मान किया जाता है और जहाँ भाजपा फंस जाती है वहां उस पेड़ वर्कर हत्यारे के सर से अपना हाँथ खींच लेती है। जबकि आम हिंदुओं में मुसलमानों के प्रति न कोई द्वेष है न नफरत। इस बात को आम भारतीय को समझने की आवश्यकता है।🙏🏽

