एससी-एसटी,पिछड़ी जाति वर्ग जातियों की वस्तुस्थिति चित्रित दोहे भेंट पर चिंता-चिंतन!

पत्थर पूजत युग गया, हो न सका कल्याण। देव देवियां झूठ सब, झूठा है भगवान।।

तंत्र- मंत्र भगवत-कथा, तीज और त्योहार,
शूद्र न मानव बनि सकै, यह बाभन हथियार।
दस प्रतिशत शासन करैं, नब्बे क्यों लाचार।
बहुजन मिलि कै छीन लो,खोया निज घरबार।।

🙏 एससी-एसटी,पिछड़ी जाति वर्ग जातियों के लोगों की वस्तुस्थिति चित्रित दोहे भेंट पर चिंता-चिंतन!

“तंत्र- मंत्र भगवत-कथा, तीज और त्योहार,
शूद्र न मानव बनि सकै, यह बाभन हथियार।
दस प्रतिशत शासन करैं, नब्बे क्यों लाचार।
बहुजन मिलि कै छीन लो,खोया निज घरबार।।
राज पाट सब छिन गया, छिना मान सम्मान।
रक्षा कबहुं न करि सके, पत्थर के भगवान।।
बुद्ध कही कबिरा कही , कही संत रैदास।
झूठे देवी देव सब,छोड़ सबन की आस।।
पत्थर पूजत युग गया, हो न सका कल्याण।
देव देवियां झूठ सब, झूठा है भगवान।।
तिल-तिल मरता मांगता, न्याय सुरक्षा भीख।
भक्षक कब रक्षक हुए, लेत न काहे सीख।।
ऊंच नीच में फंसा है, जब तक शूद्र समाज।
अनंत गुलामी में जिए, मिलै न कबहूं राज।।
नित अपमानित होत है,तिल तिल जरत शरीर।
लगत न अपना देश, यह धरती हिये कस धीर।।
हाथ कलावा बांधि के, तिलक लगाये माथ।
शूद्र न सत्ता पा सकैं, गहि बाभन का हाथ।।
जो मनुवादी करत हैं, बहुजन पर अन्याय।
अरे बावरे मांगता, उस दुश्मन से न्याय।।
वोट के अधिकार को तुम, हथियार न बना सके।
जातिपांति में बंटकर तुम, सत्ता से हो कोसों दूर।‌‌।
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निष्कर्ष- एससी-एसटी, पिछड़ी जाति वर्ग जातियों के लोगों की जिंदगी पर सटीक क्योंकि शोषितों के जीवन में जो घटित हो रही, घटनाओं पर आधारित है। शोषित पीड़ित अधिकारों से बंचित जिंदगियों पर कवि कल्पना की जीवांत कलम कवि कल्पना जीवांत क़दम की लेबर पार्टी आफ इंडिया कायल हैं,मैं ऐसे कवि को उसकी क़लम को शत् शत् नमन करता हूं।
🙏🏻रुमसिहं राष्ट्रीय अध्यक्ष लेबर पार्टी आफ इंडिया
जयभारत जयभीम (8800610118)

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